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रीवा में बुजुर्ग मरीज को कागजों में कर दिया 'मृत' घोषित, शव वाहन तक पहुंचते ही चलने लगीं सांसें; अस्पताल में मचा हड़कंप

Published: Sun, 06 Sep 2026 05:00 PM (IST)

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में 70 वर्षीय मरीज गिरिजा प्रसाद गुप्ता को जूनियर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. रीवा अस्पताल में 70 वर्षीय मरीज को मृत घोषित किया।

  2. शव वाहन ले जाते समय बुजुर्ग में जीवन के संकेत मिले।

  3. कलेक्टर के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई।

डिजिटल डेस्क, रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा करने वाला हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 70 वर्षीय मरीज गिरिजा प्रसाद गुप्ता को इलाज के दौरान जूनियर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, उनकी मृत्यु की पावती भी जारी कर दी गई और उस पर चिकित्सक व स्वजन के हस्ताक्षर तक करा लिए गए।

परिजन जब बुजुर्ग को अंतिम संस्कार के लिए शव वाहन की ओर ले जा रहे थे, तभी अचानक उनके शरीर में हलचल महसूस हुई। करीब से जांच करने पर पता चला कि बुजुर्ग की सांसें चल रही थीं। इसके बाद आनन-फानन में उन्हें वापस अस्पताल लाया गया और आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। हालत में सुधार के बाद उन्हें जनरल वार्ड में शिफ्ट किए जाने की जानकारी है।

सीधी से इलाज के लिए लाए गए थे बुजुर्ग

सीधी के वार्ड क्रमांक-8 निवासी गिरिजा प्रसाद गुप्ता को उपचार के लिए रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को उपचार के दौरान उनकी स्थिति को देखते हुए एक जूनियर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृत्यु की पावती तैयार होने के बाद डॉक्टर और मरीज के स्वजन से उस पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गया।

शव वाहन की ओर ले जाते समय हुई हलचल

परिजन बुजुर्ग को शव वाहन की ओर लेकर जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें शरीर में हलचल महसूस हुई। जब ध्यान से देखा गया तो बुजुर्ग की सांसें चल रही थीं। यह देखकर परिजनों और वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।

इसके बाद बुजुर्ग को तत्काल वापस अस्पताल ले जाया गया। उन्हें आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर होने पर जनरल वार्ड में शिफ्ट किए जाने की बात सामने आई है।

अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों के उपचार में वरिष्ठ चिकित्सकों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि जिस समय बुजुर्ग की हालत गंभीर थी, उस दौरान उनका उपचार जूनियर डॉक्टर द्वारा किया जा रहा था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में किस स्तर पर चूक हुई और बुजुर्ग को किस आधार पर मृत घोषित किया गया, इसका वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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कलेक्टर के निर्देश पर जांच शुरू

मामले की जानकारी सामने आने के बाद रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने अस्पताल में डॉक्टरों के रवैये पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम अनुराग तिवारी को मौके पर भेजा। एसडीएम ने अस्पताल पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से मामले की पड़ताल की। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बुजुर्ग को मृत घोषित करने में किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

कलेक्टर के निर्देश पर मैं संजय गांधी अस्पताल गया था। वहां जिंदा मरीज को मेडिकल कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्र ने मृत घोषित कर दिया था। डॉक्टर से बातचीत कर जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा जाएगा।
-अनुराग तिवारी, एसडीएम