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मैहर में समीक्षा बैठक के दौरान बार-बार बाहर जा रहे थे अधिकारी, जांच कराई तो 49 में 19 को निकली डायबिटीज

Updated: Sat, 11 Jul 2026 02:03 AM (IST)

मैहर में एक समीक्षा बैठक के दौरान संभागायुक्त के निर्देश पर की गई इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना था, हालांकि इस पर अधिकारियों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं रहीं।

रक्त शर्करा की जांच (प्रतीकात्मक चित्र)

रक्त शर्करा की जांच (प्रतीकात्मक चित्र)

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। रीवा संभाग के मैहर में गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब बैठक के दौरान बार-बार वॉशरूम जाने वाले अधिकारियों का मौके पर ही ब्लड शुगर टेस्ट करा दिया गया। रीवा संभाग के आयुक्त शीलेन्द्र सिंह ने अधिकारियों की लगातार आवाजाही पर कारण पूछा तो जानकारी मिली कि वे लघुशंका के लिए बाहर जा रहे हैं। इसे संभावित स्वास्थ्य संकेत मानते हुए उन्होंने तत्काल स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर जांच कराने के निर्देश दिए।

बैठक कक्ष के बाहर ग्लूकोमीटर से 49 अधिकारियों की जांच की गई, जिसमें 19 अधिकारियों का ब्लड शुगर स्तर सामान्य से अधिक पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य किसी को असहज करना नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि कहीं बार-बार पेशाब आने की वजह मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी तो नहीं है। हालांकि इस कदम को लेकर अधिकारियों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ ने इसे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली पहल बताया, जबकि कुछ ने इसे व्यक्तिगत स्वास्थ्य के दायरे में अनावश्यक दखल माना।

लापरवाही को लेकर संभागायुक्त ने जताई नाराजगी

बैठक में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान कई विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर संभाग आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। प्रधानमंत्री आवास योजना में भुगतान की धीमी गति पर संबंधित प्रभारी का एक माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। साथ ही चेतावनी दी गई कि 15 दिनों के भीतर सुधार नहीं हुआ तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को प्रशिक्षण के निर्देश

फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान एक एसडीएम स्वयं मोबाइल ऐप पर पंजीयन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। इस पर संभाग आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब अधिकारी ही प्रक्रिया से पूरी तरह परिचित नहीं होंगे तो अधीनस्थ कर्मचारियों का प्रभावी मार्गदर्शन कैसे कर पाएंगे। उन्होंने कलेक्टर को संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

इन विभागों की भी समीक्षा

आबकारी विभाग की समीक्षा में अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए। वहीं शिक्षा विभाग के कमजोर परीक्षा परिणामों पर जिला शिक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था और शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

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बैठक के समापन पर संभाग आयुक्त ने पुलिस अधीक्षक को केजेएस तिराहे से मैहर मंदिर तक यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी, अपर कलेक्टर संजना जैन, जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

भारत में बढ़ रही मधुमेह की चुनौती

विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार पेशाब आना मधुमेह के प्रमुख लक्षणों में से एक हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 7.7 करोड़ लोग टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित हैं, जबकि करीब 2.5 करोड़ लोग प्री-डायबिटिक श्रेणी में हैं। यही वजह है कि समय पर जांच और जागरूकता को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।