कटनी में एशिया के सबसे बड़े रेल ग्रेड सेपरेटर पर पहली बार हादसा, कपलिंग खुलते ही दो हिस्सों में बंटी कोयले से लदी मालगाड़ी
कटनी में एशिया के सबसे बड़े रेल ग्रेड सेपरेटर पर सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया जब कोयले से लदी मालगाड़ी की कपलिंग खुल गई। सिंगरौली से बीना जा रही माल ...और पढ़ें

मालगाड़ी दो हिस्सों में बंटी।
HighLights
कटनी में एशिया के सबसे बड़े रेल ग्रेड सेपरेटर पर घटना।
कोयले से लदी मालगाड़ी की कपलिंग खुलने से दो हिस्से।
ढाई घंटे बाद मालगाड़ी को जोड़कर आगे रवाना किया गया।
डिजिटल डेस्क, कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी में बिलासपुर-सिंगरौली रेलखंड को दमोह-सागर रूट से जोड़ने वाले एशिया के सबसे बड़े रेल ग्रेड सेपरेटर पर सोमवार को पहली बार बड़ा हादसा होते-होते बच गया। सिंगरौली से बीना जा रही कोयले से लदी मालगाड़ी अचानक कपलिंग खुलने से दो हिस्सों में बंट गई। गनीमत रही कि कोई बोगी पटरी से नहीं उतरी और न ही पलटी, वरना बस्ती और मुख्य मार्ग के करीब होने के कारण बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। चालक ने तत्काल ट्रेन रोककर अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद रेलवे की टीम मौके पर पहुंची और ढाई घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद मालगाड़ी के दोनों हिस्सों को जोड़कर उसे बीना की ओर रवाना किया।
मुड़वारा स्टेशन के पास खुली कपलिंग
जानकारी के मुताबिक सोमवार को सिंगरौली से कोयला लोड कर मालगाड़ी बीना के लिए रवाना हुई थी। ग्रेड सेपरेटर की अप लाइन से गुजरते समय मुड़वारा स्टेशन के पास अचानक दो डिब्बों के बीच की कपलिंग खुल गई।
कपलिंग टूटते ही मालगाड़ी दो हिस्सों में अलग हो गई। चालक को इसका अहसास होते ही उसने ट्रेन को रोक दिया। पीछे का हिस्सा अलग रह जाने की जानकारी मिलने पर रेलवे अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई।
रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों हिस्सों को जोड़ने की कार्रवाई शुरू की। काफी प्रयास के बाद कपलिंग को जोड़ा गया और मालगाड़ी को सुरक्षित रूप से बीना की ओर रवाना कर दिया गया।

रेल यातायात नहीं हुआ प्रभावित
एआरएम रोहित सिंह के मुताबिक घटना के कारण रेल यातायात बाधित नहीं हुआ। रेलवे ने आवश्यक कार्रवाई के बाद मालगाड़ी को आगे रवाना कर दिया।
हालांकि, ग्रेड सेपरेटर पर इस तरह कपलिंग खुलने की यह पहली घटना बताई जा रही है। इससे रेल सुरक्षा को लेकर सवाल भी खड़े हुए हैं।
बस्ती और मुख्य मार्ग के पास से गुजरती है अप लाइन
मुड़वारा स्टेशन के पास ग्रेड सेपरेटर की अप लाइन बस्ती और मुख्य मार्ग के काफी करीब से होकर गुजरती है। ऐसे में यदि कपलिंग खुलने के बाद बोगियां पटरी से उतरकर पलट जातीं तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
खबरें और भी
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि ट्रैक के दोनों ओर सुरक्षा के लिए मुख्य रूप से रेलिंग ही लगी है और कई हिस्सों में दोनों ओर पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे में किसी बड़े हादसे की स्थिति में बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
1800 करोड़ की लागत से बना है रेल ग्रेड सेपरेटर
कटनी जंक्शन पर मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के कारण होने वाले रेल यातायात के दबाव और जाम को कम करने के उद्देश्य से रेलवे ने इस बड़े ग्रेड सेपरेटर का निर्माण शुरू किया है। करीब 1800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट का डाउन ट्रैक अभी निर्माणाधीन है।
मझगवां फाटक से झलवारा स्टेशन के बीच बने इस ग्रेड सेपरेटर की अप और डाउन लाइन की कुल लंबाई करीब 33.4 किलोमीटर है। यह रेल ओवरब्रिज करीब 676 पिलर पर बनाया गया है। इसके जरिए मालगाड़ियों को कटनी यार्ड में बिना अनावश्यक रुकावट के सीधे आगे बढ़ाने की सुविधा मिलती है।
रोज निकलती हैं 20 से 25 मालगाड़ियां
ग्रेड सेपरेटर की अप लाइन से प्रतिदिन करीब 20 से 25 मालगाड़ियों की आवाजाही होती है। कटनी के रेल नेटवर्क में इसकी अहम भूमिका को देखते हुए इसे 'उड़ता जंक्शन' भी कहा जाता है।
ऐसे में पहली ही बड़ी तकनीकी घटना ने ग्रेड सेपरेटर की सुरक्षा व्यवस्था और नियमित रखरखाव को लेकर चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, रेलवे के अनुसार घटना में रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ और मालगाड़ी को सुरक्षित आगे रवाना कर दिया गया।