जबलपुर में REEL बनाते समय बरगी नहर में समाईं तीन बहनें, 24 घंटे बाद मिला तीसरा शव, गांव में पसरा मातम
बरगी थाना क्षेत्र के सालीवाड़ा गांव में नहर में रील बनाते समय तीन बहनें डूब गईं। 24 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीसरी बहन का शव भी बरामद कर लिया गय ...और पढ़ें

तीन बहनों की डूबने से मौत (प्रतीकात्मक चित्र)
HighLights
जबलपुर की बरगी नहर में तीन बहनें डूबीं।
रील बनाते समय हुआ दर्दनाक हादसा, एक बची।
24 घंटे बाद मिला तीसरी बहन का शव।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के बरगी थाना क्षेत्र स्थित सालीवाड़ा गांव में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। नहर में डूबने से जान गंवाने वाली तीन बहनों में से तीसरी युवती का शव भी 24 घंटे बाद बरामद कर लिया गया है।
शुक्रवार को कोसमघाट निवासी 18 वर्षीय तनु पटेल का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर नहर में मिला। इससे पहले गुरुवार को उसकी दो रिश्तेदार बहनों—शीतल पटेल (20) और सानिया (10)—के शव मिल चुके थे।
रील बनाते वक्त हुआ हादसा
तीनों बहनें सालीवाड़ा गांव में एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने आई थीं। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे वे नहर किनारे पहुंचीं। पांच लड़कियों के समूह में चार पानी में उतरीं, जबकि एक किनारे खड़े होकर मोबाइल से रील बना रही थी। इसी दौरान नहर के तेज बहाव ने चारों को अपनी चपेट में ले लिया। किनारे खड़ी सृष्टि ने साहस दिखाते हुए निहारिका को बचा लिया, लेकिन तीनों बहनें पानी में बह गईं।
दूसरे दिन भी चला रेस्क्यू, तब मिला तीसरा शव
सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और होमगार्ड के गोताखोर मौके पर पहुंचे और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शीतल और सानिया के शव घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर बरामद हुए।
तनु की तलाश जारी रही और शुक्रवार को दोबारा शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दोपहर में उसका शव भी नहर से बरामद कर लिया गया।
टूटे सपने, बिखरे परिवार
पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव परिजनों को सौंप दिए गए और शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस हादसे ने तीनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
बताया जा रहा है कि शीतल ने फार्मेसी की पढ़ाई पूरी की थी और उसका जल्द विवाह होने वाला था। तनु ने हाल ही में हायर सेकेंडरी पास की थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। वहीं, मासूम सानिया की मौत से उसके माता-पिता बदहवास हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।