चाय के टपरे पर ‘रिश्वत का सौदा’: छिंदवाड़ा में लोकायुक्त के जाल में फंसा PHE कर्मचारी, 14000 रुपये लेते गिरफ्तार, बाबू पर भी केस दर्ज
छिंदवाड़ा के खजरी रोड पर लोकायुक्त टीम ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के पंप अटेंडेंट को 14,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। इसमें सहायक ...और पढ़ें

लोकायुक्त टीम की गिरफ्त में पीचई कर्मी (हरे घेरे में)।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। छिंदवाड़ा के खजरी रोड पर मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त टीम ने एक चाय की दुकान पर दबिश देकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
मामला परासिया तहसील के ग्राम अम्बाडा निवासी ठेकेदार सौरभ मिश्रा से जुड़ा है, जिन्होंने विभाग में निर्माण कार्य का ठेका लिया था। काम का 30% पूरा होने पर उन्हें 4.11 लाख रुपये का भुगतान मिला, लेकिन इसी के साथ रिश्वत का खेल भी शुरू हो गया।
भुगतान के एवज में कमीशन की मांग
आरोप है कि PHE विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 संदेश गजभिये ने ठेकेदार से कुल भुगतान का 6% यानी करीब 25 हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगे। बातचीत के दौरान उन्होंने ठेकेदार को पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा से संपर्क करने को कहा। सौदेबाजी के बाद पहली किस्त के रूप में 14 हजार रुपये देना तय हुआ।
चाय की दुकान पर बिछाया जाल
लोकायुक्त टीम ने पूरी रणनीति के तहत खजरी रोड स्थित एक चाय की दुकान को ट्रैप का स्थान बनाया। जैसे ही ठेकेदार ने तय रकम दर्पण मिश्रा को सौंपी, पहले से घात लगाए टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि पूरा लेन-देन संदेश गजभिये के इशारे पर हो रहा था, जिसके चलते उसे भी सह-आरोपी बनाया गया।
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह ट्रैप कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई, जिसमें निरीक्षक शशिकला मस्कुले, जितेन्द्र यादव और उप निरीक्षक शिशिर पांडेय सहित पूरी टीम शामिल रही।