बालाघाट में आदमखोर बाघ का आतंक: घर में सो रही महिला को उठा ले गया, शोर मचाने पर भागा; सिर में गंभीर जख्म से मौत
बालाघाट के बैहर क्षेत्र में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के बफर जोन से सटे गांव में एक बाघ ने घर में सो रही 45 वर्षीय महिला को हमला कर मार डाला। परिवार के ...और पढ़ें

महिला पर बाघ ने किया हमला (प्रतीकात्मक चित्र)
HighLights
बालाघाट में बाघ ने घर में सो रही महिला पर हमला किया।
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के बफर जोन से सटे गांव में घटना।
वन विभाग ने गश्त बढ़ाई, ग्रामीणों से सतर्कता की अपील।
डिजिटल डेस्क, बालाघाट। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के बफर जोन से लगे बालाघाट के बैहर क्षेत्र में शनिवार रात बाघ के हमले से 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। पर्रापुर बैगाटोला गांव में बाघ घर के भीतर घुसा और सो रही महिला को मुंह में दबाकर बाहर ले गया। परिवार के लोगों के शोर मचाने पर बाघ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद गांव में भय का माहौल है।
रात डेढ़ बजे घर में घुसा बाघ
जानकारी के अनुसार, पर्रापुर बैगाटोला निवासी सुगनी बाई धुर्वे (45) शनिवार रात खाना खाने के बाद परिवार के साथ घर में सो रही थीं। रात करीब डेढ़ बजे जंगल की ओर से भटककर आया बाघ घर में घुस गया। सोते समय ही उसने सुगनी बाई पर हमला कर दिया और उन्हें मुंह में दबाकर घर से बाहर ले जाने लगा।
अचानक हुई हलचल और महिला की आवाज से परिवार के लोग जाग गए। उन्होंने टॉर्च जलाकर बाहर निकलते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि घर के पास ही बाघ दलदली जमीन में फंस गया था। लोगों की लगातार आवाज और हलचल से घबराकर उसने महिला को वहीं छोड़ दिया और जंगल की ओर भाग गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
परिजन गंभीर रूप से घायल सुगनी बाई को रात करीब तीन बजे बैहर के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बैहर बीएमओ डॉ. अनंत लिल्हारे के अनुसार, बाघ के हमले में महिला के सिर पर बेहद गंभीर चोट आई थी। सिर में गंभीर क्षति के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
गांव में पहले भी दिखे हैं हिंसक वन्यजीव
पर्रापुर बैगाटोला गांव कान्हा के बफर जोन से सटे जंगल के पास स्थित है। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से इलाके में बाघ और तेंदुए के रिहायशी क्षेत्र के आसपास घूमने की शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों का कहना है कि अब रात के समय घर से बाहर निकलना और अकेले जंगल की ओर जाना जोखिम भरा हो गया है।
बताया गया है कि मृतका के घर में दरवाजे भी नहीं लगे थे, जिसके कारण रात में वन्यजीव के घर में प्रवेश का खतरा बना रहता है।
वन विभाग ने बढ़ाई गश्त, पिंजरा लगाने की तैयारी
घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है। टीम ने गांव में पिंजरा लगाने और बाघ की गतिविधियों पर निगरानी रखने की बात कही है। ग्रामीणों से रात में घर के दरवाजे बंद रखने, बच्चों और बुजुर्गों को अकेला नहीं छोड़ने तथा अंधेरे में जंगल की ओर नहीं जाने की अपील की गई है। प्रशासन ने मृतका के परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।