बालाघाट में खाट पर गर्भवती को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन, पुलिस पर बेरहमी से पीटने का आरोप; पूरा थाना सस्पेंड
बालाघाट के किरनापुर में चोरी के आरोप में पुलिस द्वारा एक गर्भवती महिला को बेरहमी से पीटने का गंभीर आरोप ...और पढ़ें

महिला को खाट पर कलेक्ट्रेट लेकर पहुंचे परिजन।
HighLights
गर्भवती महिला को चोरी के शक में पुलिस ने बेरहमी से पीटा।
परिजनों घायल महिला को खाट पर कलेक्ट्रेट लेकर पहुंचे।
संबंधित पुलिस स्टाफ निलंबित, मामले की जांच SIT को।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। बालाघाट जिले के किरनापुर में पुलिस पर गर्भवती महिला को चोरी के मामले में पूछताछ के नाम पर थाने लाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। महिला की हालत इतनी खराब बताई जा रही है कि सोमवार को उसके परिजन उसे खाट पर लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए। मामले की जानकारी मिलते ही डिप्टी कलेक्टर राहुल नायक मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया।
मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा भी कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने किरनापुर थाने के संबंधित स्टाफ को निलंबित कर मामले की जांच महिला एसआईटी को सौंपने की बात कही। एसपी ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर सात दिन में उचित कार्रवाई की जाएगी।
चोरी के शक में महिला को थाने ले जाने का आरोप
किरनापुर थाना क्षेत्र के टिमकीटोला निवासी कैलाश चौधरी का आरोप है कि उनकी पत्नी सावित्री चौधरी करीब दो माह की गर्भवती हैं। दो सितंबर को क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस में चोरी हुई थी। कैलाश के मुताबिक, किसी व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोप के आधार पर पुलिस उन्हें और उनकी पत्नी को घर से थाने ले गई।
परिजनों का आरोप है कि दोनों से पूछताछ के दौरान पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया और उन्हें अलग-अलग कमरों में ले जाकर मारपीट की।
बेल्ट और डंडे से पीटने का गंभीर आरोप
कैलाश चौधरी ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज करते हुए बेल्ट और डंडों से दोनों के साथ मारपीट की। उनका यह भी आरोप है कि पत्नी के साथ बेहद गंभीर तरीके से मारपीट की गई, जिसके कारण नाजुक अंगों में भी चोट पहुंची। मारपीट से दोनों बेहोश हो गए।
कैलाश का दावा है कि मारपीट के दौरान उनकी पत्नी पर चोरी कबूल करने का दबाव बनाया गया। इसके बाद दोनों को घर छोड़ दिया गया। परिजनों के मुताबिक, मारपीट के बाद से महिला की हालत बेहद खराब है और वह पिछले पांच दिनों से गंभीर स्थिति में है।

शिकायत करने पर धमकाने का भी आरोप
परिजनों ने पुलिस पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें शिकायत करने पर किसी अन्य अपराध में फंसाकर गांव से बाहर कर देने की धमकी दी गई।
मामले की जानकारी पूर्व सैनिक तोमेश्वर राहंगडाले समेत अन्य लोगों को मिली, जिसके बाद वे घायल महिला, उसके पति और परिवार के सदस्यों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित झूठी एफआईआर हटाने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना स्टाफ को निलंबित कर जांच महिला एसआईटी को सौंप दी है। अब जांच के बाद ही पुलिस पर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
