'बुद्ध लोक' के रूप में विकसित होगा उज्जैन का प्राचीन स्तूप, खोदाई कराने के लिए केंद्र से स्वीकृति मांगी
मध्य प्रदेश सरकार उज्जैन में रामराजा लोक की तर्ज पर प्राचीन वैश्य टेकरी स्तूप को 'बुद्ध लोक' के रूप में ...और पढ़ें

उज्जैन में स्थित प्राचीन स्तूप। (फाइल फोटो)
HighLights
उज्जैन में रामराजा लोक की तर्ज पर बुद्ध लोक बनेगा।
प्राचीन वैश्य टेकरी स्तूप की खोदाई के लिए केंद्र से अनुमति मांगी।
यह मौर्यकालीन स्तूप सांची में स्थित स्तूप से भी आकार में बड़ा है।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में रामराजा लोक एवं हनुमान लोक की तरह राज्य सरकार उज्जैन में बुद्ध लोक बनाने की तैयारी कर रही है। दरअसल, यहां पर एक स्तूप है, जो सांची से बड़ा है। बुद्ध लोक बनाने के पहले इसकी खोदाई की जाएगी।
एएसआई ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) भोपाल सर्कल ने खोदाई कराने की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। वहीं, राज्य के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने भी केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें एएसआइ के माध्यम से खोदाई कराने की मांग की गई है।
मौर्यकाल में निर्मित है स्तूप
बता दें कि यह स्तूप लगभग 2200 वर्ष पहले मौर्यकाल में बनवाया गया था। बताया जाता है कि सम्राट अशोक ने अपनी पत्नी देवी की याद में यह स्तूप बनवाया था। इसे वैश्य टेकरी भी कहा जाता है। इसकी ऊंचाई 100 फीट अनुमानित है, जबकि सांची के स्तूप की 54 फीट है। इसी तरह वैश्य टेकरी का व्यास भी 350 फीट है जो सांची से अधिक है।
बुद्ध सर्किट बनाने की भी योजना
यहां खोदाई के बाद वास्तविक आकार पता चलेगा। इसके बाद इसके संरक्षण का कार्य किया जाएगा। इसके बुद्ध लोक के रूप में विकसित किए जाने के बाद वाराणसी के सारनाथ से लेकर उज्जैन तक बुद्ध सर्किट बनाया जा सकेगा। सारनाथ से रीवा में देऊर कोठार, सतना में भरहुत, कटनी और सागर के स्थलों को जोड़ते हुए सांची होकर उज्जैन तक एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- फर्स्ट AC कोच में चूहे ने बुजुर्ग यात्री की नाक पर काटा, दिल्ली-मथुरा से गुजर गई ट्रेन; 4 घंटे बाद आगरा में मिला इलाज
1938-39 में गैस निकलने से रोकनी पड़ी थी खोदाई
बता दें कि उज्जैन स्थित वैश्य टेकरी के खोदाई का कार्य 1938-39 में शुरू किया गया था, पर यहां गैस निकलने से मजदूर बेहोश हो गए तो खोदाई बंद कर दी गई थी। इस संबंध में मध्य प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला का कहना है कि खोदाई के लिए राज्य सरकार की तरफ से भी केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है। खोदाई होने के बाद आगे कार्ययोजना बनाई जाएगी।
