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रेलवे भर्ती में फर्जीवाड़े का खेल! 40 हजार में तय हुआ सौदा, दो अभ्यर्थियों की जगह दौड़ने पहुंचा बिहार का युवक गिरफ्तार

Published: Mon, 07 Sep 2026 11:19 PM (IST)

रतलाम में रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बिहार का एक युवक दो ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र। (इनसेट- आरोपित निरंजन कुमार व अजीत कुमार)

-प्रतीकात्मक चित्र। (इनसेट- आरोपित निरंजन कुमार व अजीत कुमार)

HighLights

  1. रतलाम रेलवे पीईटी में फर्जी अभ्यर्थी अजीत कुमार गिरफ्तार।

  2. बिहार का युवक दो अलग-अलग अभ्यर्थियों की जगह दौड़ा।

  3. पुलिस ने एक मूल अभ्यर्थी को भी इस फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किया।

डिजिटल डेस्क, रतलाम। रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) में फर्जीवाड़े का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पश्चिम रेलवे की ग्रुप डी और लेवल-1 भर्ती के लिए चल रही पीईटी में बिहार का एक युवक दो अलग-अलग अभ्यर्थियों की जगह दौड़ लगाने पहुंच गया। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ की टीम ने उसे पहचान जांच के दौरान पकड़ लिया।

मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद जांच में पूरा खेल सामने आया। पुलिस ने फर्जी अभ्यर्थी अजीत कुमार और एक मूल अभ्यर्थी निरंजन पासवान को पकड़ लिया है। दोनों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

दो दिन, दो अभ्यर्थी और 40 हजार में सौदा

रेलवे फुटबाल ग्राउंड में छह सितंबर की शाम करीब छह बजे तकनीकी जांच से जुड़े कर्मचारियों ने मुंगेर निवासी 26 वर्षीय अजीत कुमार को संदिग्ध पाया। जांच में पता चला कि वह दो सितंबर को भी पीईटी में शामिल हुआ था।

पूछताछ में अजीत ने बताया कि दो सितंबर को उसने निरंजन पासवान के स्थान पर दौड़ लगाई थी, लेकिन वह पीईटी में सफल नहीं हो सका। इसके बाद छह सितंबर को वह दूसरे अभ्यर्थी कुंदन कुमार की जगह दौड़ लगाने पहुंचा था। बताया गया कि कुंदन खुद रतलाम आया ही नहीं था।

पुलिस ने सोमवार दोपहर निरंजन को रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म से पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, अजीत और निरंजन कॉलेज में साथ पढ़ चुके हैं और दोनों एक सितंबर से रतलाम में ठहरे हुए थे।

10 हजार एडवांस, काम के बाद मिलने थे 30 हजार

पुलिस जांच में सामने आया है कि अजीत ने निरंजन और कुंदन की जगह PET में शामिल होने के लिए कुल 40 हजार रुपये में सौदा तय किया था। इसमें से 10 हजार रुपये वह पहले ही ले चुका था, जबकि बाकी 30 हजार रुपये परीक्षा संबंधी काम पूरा होने के बाद दिए जाने थे।

पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस फर्जीवाड़े की योजना किसने बनाई और क्या इसमें अजीत व निरंजन के अलावा अन्य लोग भी शामिल थे।

बायोमेट्रिक और रेटिना जांच ने खड़े किए सवाल

मामले का सबसे बड़ा सवाल यह है कि दो सितंबर को अजीत जब निरंजन के स्थान पर PET में शामिल हुआ तो वह बायोमेट्रिक, रेटिना और अन्य पहचान संबंधी जांच से कैसे गुजर गया।

पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि पहचान सत्यापन की प्रक्रिया में कहीं किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई। दोनों आरोपितों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। रेलवे से अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेज भी लिए गए हैं और परीक्षा के वीडियो फुटेज भी जुटाए जा रहे हैं।

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सीबीटी से पीईटी तक होती है भर्ती प्रक्रिया

रेलवे भर्ती में पहले कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित की जाती है। इसमें सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। PET के बाद दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया होती है।

ऐसे में PET में फर्जी अभ्यर्थी के शामिल होने से भर्ती प्रक्रिया की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब आरोपितों को रिमांड पर लेकर यह जानने की कोशिश करेगी कि फर्जी अभ्यर्थी के जरिए परीक्षा में शामिल होने की पूरी व्यवस्था कैसे की गई।

रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ मुंबई के कार्यालय अधीक्षक दीपक तिवारी ने बताया कि उपलब्ध जानकारी पुलिस को दे दी गई है और प्रकरण दर्ज कराया गया है। मामले की सभी स्तरों पर जांच की जा रही है।