जलती चिता के पास आपत्तिजनक वीडियो बना मुसीबत, किन्नर अघोरी को उज्जैन से निष्कासित करने की उठी मांग
चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर जलती चिता के पास मांस खाने के वीडियो के बाद किन्नर अघोरी काली नंद गिरि विवादों ...और पढ़ें

श्मशान में जलती चिता से छेड़छाड़ करती किन्नर अघोरी। (वीडियो ग्रैब)
HighLights
चिता के पास मांस खाने के वीडियो से विवाद।
संत समाज ने काली नंद गिरि के निष्कासन की मांग की।
सिंहस्थ से पहले धार्मिक नगरी की छवि बचाने का प्रयास।
डिजिटल डेस्क, उज्जैन। चक्रतीर्थ श्मशान घाट में जलती चिता के पास बैठकर शव का मांस खाने का वीडियो सामने आने के बाद विवादों में आई किन्नर अघोरी काली नंद गिरि के खिलाफ अब संत समाज ने मोर्चा खोल दिया है। पुलिस कार्रवाई के बाद उसे उज्जैन से बाहर करने की मांग उठी है।
अघोरी अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज ने कहा है कि आगामी सिंहस्थ को देखते हुए ऐसी विवादित गतिविधियों से धार्मिक नगरी की मर्यादा और छवि प्रभावित नहीं होनी चाहिए। अखाड़े की ओर से जल्द ही एसपी प्रदीप शर्मा को ज्ञापन सौंपकर काली नंद गिरि को उज्जैन की सीमा से बाहर करने की मांग की जाएगी।
चिता के पास का वीडियो बना विवाद की वजह
चक्रतीर्थ श्मशान घाट में जलती चिता के पास काली नंद गिरि का कथित वीडियो इंटरनेट मीडिया पर सामने आया था। वीडियो में उसके द्वारा धारदार हथियार से जलती चिता को कुरेदकर मानव मांस खाने का दावा किया गया। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। जीवाजीगंज थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
न्यायालय के आदेश के बाद उसे केंद्रीय जेल भैरवगढ़ भेज दिया गया है। अब संत समाज ने इसे धार्मिक मर्यादा से जोड़ते हुए प्रशासन के सामने कार्रवाई की मांग रखनी शुरू कर दी है।

पहले भी विवादों में रही काली नंद गिरि
काली नंद गिरि का उज्जैन में यह पहला विवाद नहीं है। विगत 17 मई को गढ़कालिका मंदिर में आरती के दौरान उसका पुजारी और सुरक्षाकर्मियों से विवाद हुआ था। बताया गया कि आरती में शामिल होने पहुंची काली नंद गिरि को वहां से हटने के लिए कहा गया था। विवाद बढ़ने पर उसने कथित रूप से पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे रोक लिया था।
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तेलंगाना से है नाता
अघोरी अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णुनाथ महाराज ने काली नंद गिरि के अतीत को लेकर भी कई दावे किए हैं। उनका कहना है कि उसका मूल नाम अल्लूरी श्रीनिवास था और उसका संबंध तेलंगाना-आंध्र प्रदेश क्षेत्र से रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जेंडर रीअसाइनमेंट के बाद उसने किन्नर के रूप में पहचान बनाई और बाद में इंटरनेट मीडिया पर स्वयं को ''लेडी अघोरी'' के रूप में प्रचारित किया।
हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई। विष्णुनाथ महाराज ने दक्षिण भारत में पुराने विवादों और पुलिस शिकायतों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार एक छात्रा से शादी और तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर एक महिला से करीब दस लाख रुपये लेने जैसे आरोपों को लेकर शिकायतें हुई थी।
