भोजशाला विवाद: 'सुप्रीम' फैसले के बाद तय जमीन पर पढ़ी गई जुमे की नमाज, स्थानीय लोगों ने जताई थी आपत्ति
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद धार की भोजशाला से सटी जमीन पर जुमे की नमाज अदा की गई। हालांकि, स्थानीय हिंदू समाज ने इस जमीन के निजी होने का दावा ...और पढ़ें

बारिश से गीली जमीन पर तिरपाल बिछाकर पढ़ी गई नमाज। (फोटो- जागरण)
HighLights
भोजशाला से सटी खसरा नंबर 612 जमीन पर नमाज अदा की गई।
स्थानीय हिंदू समाज ने निजी जमीन पर नमाज पर आपत्ति जताई।
प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए, बारिश में तिरपाल बिछाई।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद शुक्रवार को एक नया घटनाक्रम सामने आया। प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच गुरुवार देर रात हुई चर्चा के बाद भोजशाला परिसर की पिछली बाउंड्रीवॉल से सटी खसरा नंबर 612 की जमीन पर जुमे की नमाज अदा करने पर सहमति बनी। इसके बाद प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और पुलिस बल के साथ बैरिकेडिंग कराई।
शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के बीच मुस्लिम समाज के लोग नमाज के लिए निर्धारित स्थल पर पहुंचे। बारिश के कारण जमीन गीली होने पर वहां तिरपाल बिछाई गई। शुरुआत में करीब 10 से 15 लोग जुमे की नमाज अदा करने पहुंचे। धीरे-धीरे नमाजियों का सिलसिला बढ़ते-बढ़ते 100 से ऊपर पहुंच गया। कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के सदर अब्दुल समद एवं याचिकाकर्ता भी नमाज पढ़ने स्थल पर पहुंचे।
जगह को लेकर स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति
हालांकि नमाज के लिए तय किए गए स्थल को लेकर स्थानीय हिंदू समाज के कुछ लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है। दरअसल, भोजशाला के पीछे रहने वाले रहवासियों का दावा है कि यह जमीन निजी कृषि भूमि है और उसका स्वामित्व उनका है। उनका कहना है कि इस जमीन पर नमाज की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार सुबह कुछ स्थानीय लोग जमीन के आसपास एकत्रित हुए और अपनी आपत्ति प्रशासन के सामने रखी।
5 अगस्त की सुनवाई पर टिकी नजर
उधर, मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश को अपने पक्ष में बताते हुए इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। प्रतिनिधियों का कहना है कि अब उनकी नजर 5 अगस्त को प्रस्तावित अगली सुनवाई पर है। उन्हें उम्मीद है कि न्यायालय की ओर से आगे भी सकारात्मक निर्णय आएगा।
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बारिश के बीच प्रशासन ने संभाला मोर्चा
पूरे घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने भोजशाला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। दोनों पक्षों के आवागमन के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। बारिश के कारण नमाज स्थल की जमीन गीली होने पर प्रशासन की ओर से तिरपाल आदि की व्यवस्था कराई गई, ताकि नमाज के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। इस दौरान प्रशासन ने क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है।
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भोजशाला में हो रही नियमित पूजा
यहां पर यह बता दें कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद भोजशाला परिसर में नियमित पूजा जारी है, जबकि मस्जिद पक्ष पिछले कुछ समय से अपने घरों या स्थानीय मस्जिदों में नमाज पढ़ रहा है। 30 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत भोजशाला परिसर के समीप स्थित खसरा नंबर 596 की भूमि पर शुक्रवार दोपहर एक से तीन बजे के बीच नमाज पढ़ने के लिए तय कर दी थी। इसके बाद प्रशासन और मस्जिद पक्ष के बीच हुई बैठक में मस्जिद पक्ष ने उक्त स्थल पर नमाज पढ़ने पर सहमति जता दी थी।