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    धार भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, मुस्लिम पक्ष को पास की जमीन पर जुमे की नमाज की अनुमति

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 04:10 PM (GMT+05:30)

    सुप्रीम कोर्ट ने धार की भोजशाला से सटे खसरा नंबर-596 पर मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी है। अदालत ने ...और पढ़ें

    सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला विवाद को लेकर अहम आदेश दिया।

    सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला विवाद को लेकर अहम आदेश दिया।

    HighLights

    1. सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला विवाद पर अंतरिम आदेश दिया।

    2. खसरा नंबर-596 पर शुक्रवार नमाज की अनुमति मिली।

    3. मध्य प्रदेश सरकार को सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश।

    डिजिटल डेस्क, भोपाल। धार में स्थित भोजशाला से जुड़े विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश जारी किया है। शीर्ष अदालत ने विवादित परिसर से सटी खसरा नंबर-596 की जमीन पर मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दे दी है। साथ ही मध्य प्रदेश सरकार को इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

    प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने 14 जुलाई 2026 के अपने पूर्व आदेश को स्पष्ट करते हुए कहा कि खसरा नंबर-596, जिसे रिकॉर्ड में दरगाह की भूमि बताया गया है, वहां मुस्लिम समुदाय शुक्रवार की नमाज अदा कर सकेगा।

    सरकार को व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में मध्य प्रदेश सरकार से कहा है कि वह निर्धारित स्थल पर नमाज के दौरान सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे, ताकि अदालत के निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन हो सके।

    मुस्लिम पक्ष की अर्जी पर आया आदेश

    यह आदेश मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर उस आवेदन पर दिया गया, जिसमें नमाज के लिए विवादित परिसर के समीप वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि मौजूदा अंतरिम व्यवस्था के तहत मुस्लिम समुदाय को जुमे की नमाज के लिए विवादित परिसर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित स्थान पर जाना पड़ता है, जिससे व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

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    अदालत ने बताया उपयुक्त स्थल

    सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साइट प्लान का अवलोकन करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि खसरा नंबर-596 तक पहुंचने के लिए अलग और स्वतंत्र मार्ग उपलब्ध है। अदालत ने माना कि यह भूमि विवादित परिसर के बिल्कुल निकट है और नमाज के लिए उपयुक्त स्थान प्रतीत होती है। इसी आधार पर अदालत ने वहां शुक्रवार की नमाज की अनुमति प्रदान की।