दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे ने छीना देवास के परिवार का इकलौता चिराग, अर्थी देख बिलख पड़ीं मां और बहनें
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से देवास के 18 वर्षीय छात्र अर्पित की मौत हो गई, जिससे परिवार ...और पढ़ें

स्वजन ने बिलखते हुए अर्पित को अंतिम विदाई दी। (फोटो- जागरण)
HighLights
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने दिल्ली गया था अर्पित।
मंगलवार सुबह उसकी पार्थिव देह गृहनगर देवास पहुंची।
स्वजन गम में डूबे, मां व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल।
डिजिटल डेस्क, देवास। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को इमारत गिरने के दर्दनाक हादसे ने देवास के एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। हादसे में जान गंवाने वाले 18 वर्षीय छात्र अर्पित का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह देवास पहुंचा। कैलादेवी क्षेत्र स्थित जय बजरंग नगर में जैसे ही एंबुलेंस से बेटे का शव उतरा, पूरे इलाके में मातम पसर गया।
घर के इकलौते बेटे का शव देखकर मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के करुण क्रंदन से हर आंख नम हो गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए गया था दिल्ली
अर्पित दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और सत्य निकेतन क्षेत्र के एक पीजी में रहता था। रविवार को इमारत गिरने की घटना के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया था। इससे परिवार को अनहोनी की आशंका सताने लगी।
बेटे से संपर्क नहीं होने पर माता-पिता दिल्ली पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल के साथ ही विभिन्न अस्पतालों में अर्पित की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह जब मलबे से अर्पित का शव बरामद हुआ, तब परिवार की सबसे बड़ी आशंका सच साबित हो गई।
बहन हुई बदहवास
दिल्ली में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार सुबह अर्पित का पार्थिव शरीर देवास लाया गया। बेटे को खोने के गम में मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
अंतिम यात्रा शुरू होने के दौरान दर्दनाक दृश्य देखने को मिला। भाई की अर्थी घर से उठते ही उसकी बहन उसे रोकने के लिए दौड़ पड़ी। परिजनों ने किसी तरह उसे संभाला। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
पिता ने बेटे की अर्थी को दिया कंधा
जिस बेटे के भविष्य के सपने परिवार ने देखे थे, उसकी अर्थी को पिता भूपेंद्र ने कंधा दिया। जवान बेटे को अंतिम विदाई देते पिता को देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर अपने भविष्य को संवारने निकला अर्पित अब हमेशा के लिए परिवार से दूर हो चुका था। एक पल में हुए इस हादसे ने न सिर्फ एक युवा जिंदगी छीन ली, बल्कि देवास के जय बजरंग नगर में एक परिवार के सपनों को भी उजाड़ दिया।
