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एक क्लिक और आपका बैंक खाता खाली! पोर्न एप की लिंक से मालवेयर अटैक बना साइबर ठगों का नया हथियार; इन 7 एप से रहें सावधान

By Amit MishraEdited By: Ravindra Soni
Published: Thu, 03 Sep 2026 09:16 PM (IST)Updated: Thu, 03 Sep 2026 09:22 PM (IST)

साइबर ठग अब पोर्न एप लिंक के ज़रिए मालवेयर अटैक कर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं। केंद्रीय ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. पोर्न एप लिंक साइबर ठगों का नया हथियार, बैंक खाते खाली।

  2. मालवेयर अटैक से मोबाइल हैक, I4C ने जारी की चेतावनी।

  3. नाइट प्ले सहित 7 एप डाउनलोड न करने की सलाह।

अमित मिश्रा, ग्वालियर। यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्क्रॉल करते वक्त अगर आपको कोई पोर्न वीडियो की झलक, पोस्ट या ऐसे एप से जुड़ी कोई पोस्ट दिखे तो उस पर क्लिक करने की गलती भारी पड़ सकती है। साइबर ठगों ने अब लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए एडल्ट मोबाइल एप और लिंक को नया हथियार बनाया है। इस तरह के लिंक के जरिए मोबाइल में मालवेयर (खतरनाक वायरस) भेजकर लोगों के बैंक खातों और पे-वॉलेट पर डाका डाला जा रहा है।

हाल ही में देशभर में ऐसी घटना सामने आई हैं। ग्वालियर में भी एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक लिंक पर क्लिक करते ही यूजर का मोबाइल हैक कर बैंक खाता खाली कर दिया गया। ग्वालियर के एक व्यक्ति को यूट्यूब पर एक वीडियो कमेंट सेक्शन से लिंक मिली, जिस पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो गया। इस तरह की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सचेत किया है।

इन सात एप को कतई डाउनलोड न करें

आई4सी द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में सात एप के नाम भी दिए गए हैं। नाइट प्ले, रिवो, रीबूल, नेक्सो, किसस, विक्सा व विमो नाम के इन पोर्न एप को अलग-अलग इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए डाउनलोड कराकर ठगी की जा रही है। जैसे ही यूजर इन लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल में बैकग्राउंड में एक अज्ञात 'एपीके (एंड्रायड एप्लीकेशन पैकेज)' फाइल डाउनलोड हो जाती है।

यह मालवेयर इंस्टाल होते ही हैकर को फोन का रिमोट कंट्रोल मिल जाता है। केंद्र सरकार द्वारा पोर्न कंटेंट को बढ़ावा देने वाले कई इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसमें 18 ओटीटी कंटेंट, 19 वेबसाइट और 10 एप शामल थे और 57 इंटरनेट मीडिया हैंडल शामिल थे। अब ठगों ने इंटरनेट मीडिया पर लिंक के जरिए एप डाउनलोड कराकर ठगी का तरीका निकाल लिया है।

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साइबर सुरक्षा : इन बातों का रखें विशेष ध्यान

अंजान लिंक पर न करें क्लिक: इंटरनेट मीडिया या मैसेजिंग एप पर मिलने वाले किसी भी संदिग्ध या एडल्ट एप के लिंक को न खोलें।
केवल ऑफिशियल स्टोर का करें इस्तेमाल : कोई भी एप केवल 'गूगल प्ले स्टोर' या 'एप्पल के एप स्टोर' से ही डाउनलोड करें। थर्ड-पार्टी वेबसाइट से एप कभी इंस्टाल न करें।
'इंस्टाल अननोन-सोर्स' रखें बंद : अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर 'इंस्टाल फ्रॉम अननोन सोर्स' के विकल्प को हमेशा बंद रखें।
साइबर हेल्पलाइन पर दें सूचना : यदि आप ऐसे किसी ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या साइबर क्राइम डाट जीओवी डाट इन पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

पोर्न एप के जरिए ठगी की घटनाएं बढ़ी हैं, इसे लेकर एडवाइजरी जारी हुई है। इसमें इंटरनेट मीडिया पर लिंक के जरिए एपीके फाइल डाउनलोड कराकर ठगी की जा रही है।
- संजीव नयन शर्मा, डीएसपी, राज्य साइबर पुलिस।