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शिवपुरी में नदी पर पिकनिक के बाद बिगड़ी तबीयत, 10 दिन में 3 सगे भाइयों समेत 4 बच्चों की मौत; बीमारी की वजह बनी पहेली

Published: Tue, 01 Sep 2026 09:10 PM (IST)

शिवपुरी में एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों समेत चार बच्चों की 10 दिन के भीतर रहस्यमय बीमारी से ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र। (मृतक चारों बच्चे)

-प्रतीकात्मक चित्र। (मृतक चारों बच्चे)

HighLights

  1. शिवपुरी में 10 दिन में चार बच्चों की रहस्यमय ढंग से मौत।

  2. तेज बुखार, पेट दर्द जैसे लक्षण, सभी टेस्ट निगेटिव आए।

  3. स्वास्थ्य विभाग बीमारी की वजह जानने में जुटा, जांच जारी।

डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। शिवपुरी शहर के फिजिकल क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों समेत चार बच्चों की महज 10 दिन के भीतर मौत से हड़कंप मच गया है। चारों बच्चों में बीमारी के दौरान लगभग एक जैसे लक्षण सामने आए—तेज बुखार, पेट में असहनीय दर्द, उल्टी-दस्त और इसके बाद शरीर के अंगों का धीरे-धीरे काम करना बंद करना। हैरानी की बात यह है कि बच्चों की मलेरिया, डेंगू, कोविड समेत कई जांच रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। बीमारी की वजह स्पष्ट नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग भी सकते में है।

मामला सामने आने के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम सईसपुरा स्थित पीड़ित परिवार के घर पहुंची और आसपास के इलाके में सर्वे शुरू किया। विभाग ने परिवार को निगरानी में रखते हुए किसी भी सदस्य को बुखार या पेट दर्द होने पर तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए हैं।

सिंध नदी पर पिकनिक के बाद बिगड़ने लगी तबीयत

परिवार के मुताबिक, सईसपुरा निवासी तनवीर खान का 14 वर्षीय बेटा ताहिर 16 अगस्त को दोस्तों के साथ गोरा टीला स्थित सिंध नदी के किनारे नहाने और पार्टी करने गया था। इसके दो दिन बाद 18 अगस्त को उसे तेज बुखार आया। सेवानिवृत्त शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. निसार खान से उपचार कराया गया और जिला अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई।

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20 अगस्त को ताहिर को दोबारा तेज बुखार आया और रात करीब 9:30 बजे उल्टी-दस्त शुरू हो गए। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां 21 अगस्त की आधी रात उसकी मौत हो गई।

मौसी के बेटे की भी ग्वालियर में मौत

तनवीर की बहन तब्बसुम के 19 वर्षीय बेटे अयाज, निवासी हम्माल मोहल्ला, की भी 20 अगस्त को तबीयत बिगड़ गई। उसे सुखदेव अस्पताल में तीन दिन उपचार दिया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे ग्वालियर रेफर किया गया, जहां 21 अगस्त को उसकी मौत हो गई।

एक-एक कर दो छोटे भाइयों ने भी तोड़ा दम

इसके बाद तनवीर के दो छोटे बेटों तारूख उर्फ पप्पू (11) और तासिफ उर्फ चिंटू (9) की तबीयत 26-27 अगस्त को खराब हुई। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

31 अगस्त को तारूख की हालत बिगड़ने पर उसे शिवपुरी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन उसी दिन उसकी मौत हो गई। इसी दिन तासिफ को भी रेफर किया गया और परिजन उसे ग्वालियर ले गए। तासिफ के ताऊ भाई मियां के अनुसार, ग्वालियर में उसके मलेरिया, डेंगू और कोविड समेत सभी टेस्ट निगेटिव आए। उपचार के दौरान 31 अगस्त की रात उसकी भी मौत हो गई।

डेंगू का लार्वा नहीं मिला, वायरल-बैक्टीरियल संक्रमण की भी पुष्टि नहीं

चार बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में लार्वा सर्वे कराया, लेकिन डेंगू का लार्वा नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक बच्चों में सांस फूलने जैसे लक्षण भी नहीं थे, इसलिए कोविड संक्रमण की आशंका कम मानी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यदि क्षेत्र में वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण का व्यापक प्रकोप होता तो आसपास के अन्य लोगों में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई देते, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई ट्रेंड सामने नहीं आया है।

चार अस्पतालों से मंगाई जा रही केस हिस्ट्री

सीएमएचओ ने बताया कि जिला अस्पताल, सुखदेव अस्पताल, शिवपुरी मेडिकल कॉलेज और ग्वालियर मेडिकल कॉलेज से बच्चों की केस शीट और उपचार संबंधी जानकारी मंगाई जा रही है। इन रिकॉर्ड के आधार पर बच्चों में सामने आए लक्षण और अपनाए गए ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का अध्ययन किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बीमारी की वास्तविक वजह पता लगाने के लिए जांच जारी है। फिलहाल परिवार और आसपास के क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी गई है।