MP में उद्योग लगाने वालों के लिए बड़ी राहत : अब बिना 'बिचौलियों' के मिलेगी जमीन, MPIDC दे रहा 75 प्रतिशत तक भारी छूट
मध्य प्रदेश सरकार ने औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए जमीन आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। अब निवेशक सीधे MPIDC पोर्टल पर प्लॉट बुक ...और पढ़ें

सरकार प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए जमीन पर दे रही छूट (प्रतीकात्मक चित्र)

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डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। मध्य प्रदेश सरकार और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और बिचौलिया मुक्त कर दी गई है। ग्वालियर-चंबल अंचल समेत पूरे मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने के इच्छुक निवेशकों को अब किसी दलाल या एजेंट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
पूरी व्यवस्था ऑनलाइन
एमपीआईडीसी के नए सिस्टम के तहत देशभर के उद्योगपति अब सीधे विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उपलब्ध औद्योगिक प्लॉट देख सकेंगे। अपनी जरूरत और बजट के अनुसार प्लॉट का चयन कर उसे ऑनलाइन बुक भी किया जा सकेगा। बुकिंग के बाद निवेशकों को सीधे विभागीय कार्यालय से संपर्क करना होगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बनेगी।
अधिकारियों का कहना है कि नई डिजिटल व्यवस्था से भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी पर रोक लगेगी। तकनीक के जरिए उद्यमियों और सरकार के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया गया है, ताकि निवेश प्रक्रिया तेज और भरोसेमंद बन सके।
निवेश बढ़ाने की कवायद
उद्योगों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने जमीन की कीमतों में भी बड़ी राहत दी है। नई नीति के तहत छोटे और मध्यम उद्योगों को विशेष छूट का लाभ मिलेगा।
यदि कोई उद्यमी एक हेक्टेयर तक जमीन लेकर उद्योग स्थापित करता है, तो उसे सरकारी दर पर 75 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे स्टार्टअप, स्थानीय युवाओं और छोटे उद्यमियों को उद्योग क्षेत्र में आगे आने का मौका मिलेगा।
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वहीं बड़े निवेशकों के लिए भी आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। 20 हेक्टेयर तक जमीन लेने वाले उद्योगों को 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी।
सरकार को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्वालियर-चंबल सहित कई क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
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अभी तक औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों के लिए जमीन उद्योगपतियों को सीए सहित अन्य लोगों के माध्यम से आवेदन कर लेनी पड़ती थी, लेकिन अब इस सिस्टम को बदला गया है। अब जिसे भी प्लॉट लेना है तो वह सीधे एमपीआईडीसी के पोर्टल पर प्लॉट, उसकी जगह देख सकता है और बुक करा सकता है। इसके बाद सीधे कार्यालय में संपर्क करता है तो उसे जमीन आवंटित हो जाएगी और उन्हें नियमानुसार छूट भी मिलेगी।
- अनीषा श्रीवास्तव, डायरेक्टर, एमपीआईडीसी