एक्सप्रेस-वे की मिट्टी में ‘खजाना’! ब्रिटिशकालीन चांदी के सिक्के मिलने की खबर से मुरैना के गांव में मची लूट जैसी होड़
मुरैना के डोंगरपुर गांव में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे निर्माण स्थल की मिट्टी में ब्रिटिशकालीन चांदी के सिक्के मिलने से हड़कंप मच ...और पढ़ें

एक्सप्रेस-वे की साइट पर सिक्कों की तलाश में मिट्टी खोदते ग्रामीण व (इनसेट में) खुदाई में मिला सिक्का। (वीडियो ग्रैब)
HighLights
मुरैना में एक्सप्रेस-वे की मिट्टी में मिले चांदी के सिक्के।
ब्रिटिशकालीन 1913 के सिक्के होने का दावा, 91% चांदी।
प्रशासन ने जांच के आदेश दिए, पुरातत्व विभाग को सौंपने के निर्देश।
डिजिटल डेस्क, मुरैना। ग्वालियर-आगरा के बीच बन रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की मिट्टी ने मंगलवार को मुरैना के एक गांव में ऐसा कौतूहल पैदा किया कि देखते ही देखते पूरा गांव खुदाई में जुट गया। दावा है कि निर्माण स्थल पर मिट्टी के नीचे से चांदी के पुराने सिक्के निकल रहे हैं। सिक्के मिलने की खबर फैलते ही बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग हाथों में खुरपी, हंसिया, लकड़ी और सरिया लेकर मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों के मुताबिक अब तक 8 से 10 चांदी के सिक्के मिलने की बात सामने आई है। मामले की जानकारी प्रशासन तक पहुंची तो अधिकारियों ने मौके की स्थिति की जांच शुरू कर दी। साथ ही मिले सिक्कों को जब्त कर पुरातत्व विभाग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
एक युवक को मिला सिक्का, फिर शुरू हुई तलाश
मामला माता बसैया थाना क्षेत्र के डोंगरपुर गांव का है। बताया गया कि करीब तीन दिन पहले गांव का एक युवक निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे से गुजर रहा था। इसी दौरान उसकी नजर मिट्टी में दबे एक सिक्के पर पड़ी। वह उसे उठाकर घर ले गया।
बाद में उसे शक हुआ कि मिट्टी में ऐसे और सिक्के भी हो सकते हैं। अगले दिन वह कुछ दोस्तों के साथ उसी जगह पहुंचा और मिट्टी कुरेदने पर उसे तीन-चार और चांदी के सिक्के मिलने की बात सामने आई। इसके बाद दो दिन तक कुछ युवक कथित तौर पर चुपचाप मौके पर खुदाई करते रहे।
खबर फैली तो पूरा गांव पहुंच गया
मंगलवार सुबह जैसे ही ग्रामीणों को मिट्टी में चांदी के सिक्के मिलने की जानकारी हुई, निर्माण स्थल पर भीड़ जुटने लगी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग खुदाई करने पहुंच गए।
किसी के हाथ में खुरपी थी तो कोई हंसिया, लकड़ी या सरिया लेकर मिट्टी खंगाल रहा था। इसी दौरान सिक्के मिलने के वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने लगे। एक वीडियो में एक युवक के हाथ में सिक्का मिलने का दावा किया जा रहा है।
दूसरे स्थान से लाई गई है निर्माण की मिट्टी
माता बसैया थाना प्रभारी विवेक सिंह तोमर के अनुसार, उन्हें मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मामले की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो कई लोग निर्माणाधीन सड़क की मिट्टी खोद रहे थे और वहां चांदी के सिक्के मिलने की बात कह रहे थे।
पुलिस ने लोगों को मौके से हटाया, लेकिन पुलिस टीम के लौटने के बाद ग्रामीण दोबारा वहां पहुंचकर खुदाई करने लगे।
थाना प्रभारी के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए डाली गई मिट्टी स्थानीय नहीं है। इसे किसी दूसरे स्थान से खोदकर यहां लाया गया है। ऐसे में यह पता लगाया जा रहा है कि सिक्के वास्तव में कहां की मिट्टी में मिले और उनका मूल स्रोत क्या है।
यह भी पढ़ें- छतरपुर में सड़क-पुल-बिजली के लिए 40 किमी पैदल चले बच्चे, 18 घंटे चला आंदोलन; देर रात विधायक के आश्वासन पर माने
प्रशासन ने जांच के दिए निर्देश
मामले की जानकारी मिलने के बाद अपर कलेक्टर अश्विनी रावत ने एसडीएम रामनिवास सिंह सिकरवार को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यदि पुराने सिक्के मिलते हैं तो उन्हें जब्त कर पुरातत्व विभाग को सौंपा जाए, ताकि उनकी वास्तविकता और ऐतिहासिक महत्व का पता लगाया जा सके।
1913 के बताए जा रहे सिक्के
बताया गया है, कि जो सिक्के निकल रहे हैं उनमें साल 1913 लिखा हुआ है। चांदी के इन सिक्को को ब्रिटिश काल का बताया जा रहा है, जब साल 1910 से 1930 तक राजा जार्ज पंचम ने चांदी के सिक्कों का चलन भारत में करवाया था। इन सिक्कों में 91 फीसदी तक चांदी बताई जा रही है।
