MP में पर्यटकों को नई सौगात: भोपाल-उज्जैन समेत पांच शहरों में चलेंगी विशेष टूरिस्ट बसें, जान लें किराया व शेड्यूल
मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में विशेष पर्यटक बसें शुरू कर रहा है। ये बसें ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
पांच शहरों में शुरू होंगी विशेष पर्यटक बस सेवाएं।
अधिकतम 300 रुपये किराया, सप्ताह में छह दिन चलेंगी।
शहरों व आसपास के पर्यटन स्थलों को जोड़ेंगी ये बसें।
प्रियंक शर्मा, ग्वालियर। प्रदेश में एक ही शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़कर पर्यटकों के लिए सिटी टूर की सुविधा शुरू करने की तैयारी हो रही है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में निजी आपरेटरों के माध्यम से पर्यटन बस चलाने के लिए प्रक्रिया शुरू की है।
इनमें ग्वालियर का प्रस्तावित सर्किट खास है। इसमें ग्वालियर किला, जयविलास पैलेस एवं संग्रहालय, सूर्य मंदिर, फूलबाग, तानसेन और मोहम्मद गौस की समाधियों के साथ मुरैना के मितावली और पड़ावली के मंदिरों को जोड़ा गया है। भोपाल में अपर लेक, वन विहार, सैर सपाटा, ट्राइबल म्यूजियम, बिरला मंदिर, इंदिरा गांधी संग्रहालय का सर्किट बनाया गया है।
इसी प्रकार इंदौर में राजवाड़ा, कृष्णपुरा छतरी, कांच मंदिर, रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य, लालबाग और पातालपानी को रखा गया है। जबलपुर में भेड़ाघाट, धुआंधार जलप्रपात, मदन महल फोर्ट और ग्वारीघाट तथा उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर, श्री महाकाल महालोक, हरसिद्धि मंदिर, रामघाट, कालभैरव, मंगलनाथ मंदिर, जंतर-मंतर और त्रिवेणी संग्रहालय सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों को बस टूर में शामिल किया गया है।
टिकट की दर बाजार के अनुसार तय की जा सकेगी, लेकिन सिटी टूर के लिए अधिकतम टिकट दर सभी करों सहित 300 रुपये प्रति यात्री से अधिक नहीं होगी।
सप्ताह में छह दिन चलेंगी बसें
पर्यटन विभाग द्वारा जारी किए गए टेंडर के अनुसार प्रत्येक शहर में फोर्स अर्बेनिया या उससे बेहतर बसें ऑपरेटर को उपलब्ध करानी होंगी, जिसमें ड्राइवर को छोड़कर कम से कम 14 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। बस सेवा सुबह 8:30 से शाम 6:30 बजे तक चलेगी और सप्ताह में छह दिन संचालन करना होगा। बस का टिकट राजस्व निजी ऑपरेटर को मिलेगा। पर्यटकों को संबंधित स्मारक की प्रवेश फीस, बोटिंग, रोपवे जैसे अतिरिक्त शुल्क स्वयं देने होंगे।
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बस ऑपरेटर की यह जिम्मेदारी
ऑपरेटर को ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए वेबसाइट, इंटरनेट मीडिया और पेमेंट गेटवे विकसित करने के साथ निर्धारित स्थान पर कियोस्क भी बनाना होगा। ड्राइवर, कंडक्टर और टूर गाइड सहित पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था, यात्रियों की सुरक्षा, बस में सीसीटीवी, प्राथमिक उपचार सामग्री और दैनिक संचालन का रिकॉर्ड रखना भी बस ऑपरेटर की जिम्मेदारी होगी। बस खराब होने या 48 घंटे से अधिक समय तक अनुपलब्ध रहने पर दूसरी बस उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा पर्यटन बोर्ड को एक मासिक प्रीमियम राशि भी देनी होगी।
प्रदेश के पांच शहरों में पर्यटन बसें चलाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। हमने बसों के संचालन के लिए ऑपरेटरों से प्रस्ताव मांगे हैं।
- इलैया राजा टी, प्रबंधक संचालक, मध्य प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड
