कूनो में फिर बढ़ी चिंता: एक सप्ताह से लापता निर्वा का नहीं मिला सुराग, 100 से ज्यादा वनकर्मी सर्चिंग में जुटे
कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता निर्वा एक हफ्ते से लापता है, जिसकी तलाश में 100 से अधिक वनकर्मी जुटे ...और पढ़ें

कूनो में चीता (प्रतीकात्मक चित्र)
HighLights
20 अगस्त से सेटेलाइट कालर आईडी का नहीं मिल रहा सिग्नल।
शिकार हुए जानवरों के आसपास चीता के निशान देख रही टीमें।
वर्ष 2023 में भी कई दिनों तक निगरानी से गायब रही थी निर्वा।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता निर्वा की तलाश लगातार जारी है, लेकिन एक सप्ताह बाद भी वन विभाग को उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। 20 अगस्त से लापता निर्वा को खोजने के लिए वन विभाग ने पांच अलग-अलग टीमें मैदान में उतार रखी हैं। 100 से अधिक वनकर्मी जंगल के चप्पे-चप्पे की निगरानी कर रहे हैं।
वन अमला संभावित इलाकों में पैदल गश्त के साथ उन स्थानों की भी जांच कर रहा है, जहां जानवरों के शिकार के निशान मिले हैं। अधिकारियों की टीम ऐसे स्थानों पर चीते के पदचिह्न और अन्य गतिविधियों के संकेत तलाश रही है। हालांकि अब तक कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है।
पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ डॉ. समीता राजौरा ने कहा कि यदि निर्वा जंगल से बाहर निकल गई होती तो उसके आसपास जानवरों के शिकार किए जाने के निशान मिलने की संभावना रहती। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्वा जल्द ही वन विभाग की निगरानी में आ जाएगी।
मां से अलग हुए दोनों शावक
निर्वा के साथ उसके नर और मादा शावक भी रह रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक दोनों शावक अब मां से अलग हो चुके हैं। वन विभाग के अनुसार यह चीतों के प्राकृतिक जीवनचक्र का हिस्सा है। जब शावक शिकार करने और स्वतंत्र रूप से जीवनयापन करने में सक्षम हो जाते हैं, तो वे मां से अलग होकर अपना अलग क्षेत्र तलाशने लगते हैं।
तीन साल पहले भी गायब हो गई थी निर्वा
निर्वा के लिए लापता होना पहली बार नहीं है। जुलाई 2023 में भी वह करीब 22 दिनों तक वन विभाग की निगरानी से बाहर रही थी। उस समय उसकी कॉलर आईडी से सैटेलाइट लोकेशन मिलनी बंद हो गई थी। बाद में करीब छह घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद वन अमले ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया था।
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राजस्थान के शाहबाद पहुंचा दूसरा चीता, दो बकरियों का किया शिकार
उधर, कूनो पार्क की सरहद लांघ कर पिछले पांच दिनों से राजस्थान के शाहबाद इलाके में देखे जा रहे चीता की गंध का पीछा करते हुए दूसरा चीता भी वहां पहुंच गया है। गुरुवार को दोनों ने दो बकरियों का शिकार किया। वन विभाग की ट्रैकिंग टीमें लगातार उनका पीछा करते हुए उन पर नजर बनाए हुए हैं। उधर कूनो में मादा चीता केजेपी-1 और नर चीता केजीपी-3 के बीच नजदीकियां देखी जा रही हैं। उनके बीच मेटिंग की संभावना जताई जा रही है।
कुत्तों की मौत के मामले में हैंडलर के खिलाफ विभागीय जांच
कूनो में चीतों की निगरानी के लिए लाए गए खोजी कुत्तों बेल्जियम मेलिनोइस प्रजाति के इलू और रूबी की मौत के मामले में हैंडलर के खिलाफ वन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू की है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों के द्वारा जानकारी दी गई है कि उनके पास अभी इस तरह के ट्रेंड 16 डाग स्कावड की टीमें हैं। जिन्हें जरूरत पड़ने पर पूरे प्रदेश भर में उपयोग किया जाता है।
