राहुल गांधी MP में लांच करेंगे कांग्रेस का संपर्क अभियान, हर विधानसभा में 30 हजार परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य
कांग्रेस मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों से पहले 'संपर्क अभियान' शुरू कर रही ...और पढ़ें

राहुल गांधी। (फाइल फोटो)
HighLights
सितंबर के अंतिम सप्ताह में राहुल गांधी का उज्जैन और रीवा आना प्रस्तावित।
प्रदेश, जिला, ब्लाक, पंचायत स्तरीय इकाई के पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे।
अभियान में युवा, महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ वर्ग से होगा संवाद।
वैभव श्रीधर, भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले वर्ष नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के साथ शुरू होने वाले चुनावी दौर को देखते हुए कांग्रेस संगठन को जमीन पर सक्रिय करने जा रही है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भाजपा से पिछड़ने के बाद पार्टी अब संगठन सृजन से आगे बढ़कर सीधे मतदाता के घर तक पहुंचने की तैयारी में है। प्रदेशव्यापी संपर्क अभियान को इसी राजनीतिक रणनीति की अगली कड़ी माना जा रहा है।
राहुल गांधी के दौरे से होगी शुरुआत
सितंबर के अंतिम सप्ताह में राहुल गांधी के प्रस्तावित उज्जैन और रीवा दौरे से इसकी शुरुआत होगी। इसमें वे प्रदेश, जिला, ब्लॉक, विधानसभा और पंचायत स्तरीय इकाई के पदाधिकारियों को चुनावी तैयारियों की दिशा देंगे। उधर, संपर्क अभियान में ही प्रत्येक परिवार से 100-100 रुपये की सहयोग निधि ली जाएगी। पारदर्शिता के लिए इसकी रसीद संबंधित व्यक्ति को सहयोग के लिए धन्यवाद के साथ मिलेगी। पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन रखा जाएगा ताकि किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो।
कांग्रेस का अब बूथ से परिवार पर फोकस
प्रदेश में कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान चलाकर बूथ स्तर तक टीम खड़ी की। अब पार्टी की कोशिश इन टीमों को सक्रिय राजनीतिक नेटवर्क में बदलने की है। हर विधानसभा में 30 हजार परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केवल सदस्यता या कार्यकर्ता संपर्क का कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि संभावित मतदाता आधार के साथ सीधा संवाद स्थापित करने की कवायद है।
कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर पार्टी के मुद्दे बताएंगे और स्थानीय समस्याओं का फीडबैक भी जुटाएंगे। अभियान में भाजपा सरकार को किसान, युवा, महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग के मुद्दों को हवा देने का प्रयास करेगी।
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100 रुपये की सहयोग निधि का सियासी संदेश
प्रत्येक परिवार से 100 रुपये की सहयोग निधि लेने का फैसला भी केवल आर्थिक संसाधन जुटाने तक सीमित नहीं है। कांग्रेस इसे पार्टी और आम परिवार के बीच प्रत्यक्ष जुड़ाव बनाने के प्रयोग के तौर पर देख रही है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि इससे यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस जनता के सहयोग से चलती है।
राशि जिले में ही संगठन के प्रशिक्षण और सशक्तीकरण पर खर्च करने की योजना है। क्यूआर कोड से आनलाइन भुगतान और एसएमएस से पावती की व्यवस्था के जरिए पारदर्शिता का संदेश देने की कोशिश है। राजनीतिक तौर पर यह माडल कार्यकर्ता और संभावित समर्थक के बीच व्यक्तिगत संपर्क को मजबूत कर सकता है।
चुनौती भी कम नहीं
भले ही संगठन को सशक्त करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के कई उपक्रम पार्टी द्वारा किए जा रहे हैं लेकिन चुनौती भी कम नहीं है। वरिष्ठ नेता या तो निष्क्रिय हैं या फिर अपने क्षेत्र तक सीमित रह गए हैं। हाल ही की समीक्षा में यह बात सामने आ चुकी है कि आधे से अधिक प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी काम नहीं कर रहे हैं। जबकि, अधिकतर पदाधिकारी वरिष्ठ नेताओं के दबाव में बनाए गए थे। यही स्थिति विभागों और प्रकोष्ठों की भी रही। यही कारण है कि इन्हें भंग किया गया।
