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MP में किसानों के लिए बड़ी खबर: दो दिन खाद की बिक्री बंद, सरकार बोली- घबराने की जरूरत नहीं, पर्याप्त है भंडार

Published: Sun, 16 Aug 2026 12:05 AM (GMT+05:30)

मध्य प्रदेश में उर्वरक बिक्री पर दो दिन की अस्थायी रोक लगाई गई है ताकि स्टॉक का सत्यापन किया जा ...और पढ़ें

खाद का भंडारण (प्रतीकात्मक चित्र)

खाद का भंडारण (प्रतीकात्मक चित्र)

HighLights

  1. मध्य प्रदेश में दो दिन के लिए खाद बिक्री पर अस्थायी रोक।

  2. स्टॉक सत्यापन हेतु रोक लगाई गई, 17 अगस्त से बिक्री शुरू।

  3. किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्धता का सरकार ने दिया भरोसा।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में उर्वरक बिक्री व्यवस्था के सत्यापन के लिए दो दिन खाद की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के वास्तविक भंडार का मिलान करने के लिए 14 अगस्त की शाम सात बजे से बिक्री बंद की गई है। कृषि विभाग के मुताबिक 17 अगस्त, सोमवार से खाद का वितरण दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।

विभाग ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि इस प्रक्रिया से खाद की उपलब्धता प्रभावित नहीं होगी। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मौजूद है। वहीं, 20 अगस्त से 'हर किसान, हर घर, हर खेत' खाद अभियान भी शुरू होने जा रहा है। इसके तहत रबी सीजन के लिए किसानों को इसी महीने से खाद उपलब्ध कराई जाएगी।

पिछले साल से ज्यादा यूरिया का स्टॉक

कृषि सचिव निशांत बरवड़े ने बताया कि एक अप्रैल से अब तक प्रदेश में 17.04 लाख टन यूरिया उपलब्ध रहा है। इसमें से 12.83 लाख टन किसानों को वितरित किया जा चुका है। फिलहाल प्रदेश में 4.21 लाख टन यूरिया उपलब्ध है। पिछले साल इसी अवधि में केवल 1.60 लाख टन यूरिया उपलब्ध था।

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डीएपी-एनपीके का भी पर्याप्त भंडार

डीएपी और एनपीके की बात करें तो एक अप्रैल से अब तक प्रदेश में 11.20 लाख टन उर्वरक उपलब्ध रहा। इसमें से किसानों ने 7.09 लाख टन का उठाव किया है। वर्तमान में 4.10 लाख टन डीएपी-एनपीके का स्टॉक उपलब्ध है। पिछले साल इसी समय यह मात्रा महज 3 लाख टन थी।

एसएसपी का 3.17 लाख टन स्टॉक

वहीं, एसएसपी की उपलब्धता एक अप्रैल से अब तक 6.78 लाख टन रही है। किसानों ने इसमें से 3.61 लाख टन का उठाव किया है, जबकि वर्तमान में 3.17 लाख टन एसएसपी उपलब्ध है।

कृषि विभाग का कहना है कि बिक्री पर लगाई गई रोक केवल स्टॉक मिलान और रिकॉर्ड सत्यापन की प्रक्रिया का हिस्सा है। वितरण दोबारा शुरू होने के बाद किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।