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भोपाल से शुरू हुई जांच पहुंची कई राज्यों तक, देशविरोधी गतिविधियों में पाकिस्तानी हैंडलर कनेक्शन के चलते NIA ले सकती है कमान

Published: Tue, 01 Sep 2026 11:44 PM (IST)

मध्य प्रदेश एटीएस द्वारा दर्ज देशविरोधी गतिविधियों के मामले की जांच एनआईए अपने हाथ में ले सकती है, क्योंकि इसमें ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. एनआईए मध्य प्रदेश एटीएस के देशविरोधी मामले की जांच करेगी।

  2. मामले में अंतरराष्ट्रीय और कई राज्यों से जुड़ाव पाया गया है।

  3. आरोपितों पर पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर युवाओं को कट्टर बनाने का आरोप।

शशिकांत तिवारी, भोपाल। मध्य प्रदेश एटीएस द्वारा इसी वर्ष जून में दर्ज किए गए देशविरोधी गतिविधियों के आरोप के मामले जांच के लिए एनआइए अपने हाथ में ले सकती है। इनका अंतरराष्ट्रीय और कई राज्यों से जुड़ाव पाए जाने के कारण ऐसा किए जाने की संभावना है।

सूत्रों ने बताया कि एनआईए ने एटीएस से मामले से जुड़े दस्तावेज लिए हैं। इसके पहले पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ में भी एनआईए शामिल रही। मालूम हो कि पिछले सप्ताह कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मामले में कार्रवाई के लिए मध्य प्रदेश एटीएस की प्रशंसा की थी।

भोपाल से शुरू हुई गिरफ्तारी, तीन राज्यों तक पहुंची जांच

एटीएस ने मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। सबसे पहले भोपाल के काजी कैंप से फराज को पकड़ा गया। उससे पूछताछ के आधार पर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से नईम अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर भोपाल लाया गया। इनसे मिले साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान के अलवर से शाकिर मेव और बिहार के मधुबनी के रहने वाले इजहार-उल-हक को गिरफ्तार किया गया।

पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क का आरोप

चारों आरोपित फिलहाल जेल में हैं। आरोप है कि ये सभी एक पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर अविवाहित मुस्लिम युवकों का ब्रेन वाश कर उन्हें कट्टर बना रहे थे। एटीएस की पूछताछ में सामने आया है कि ये पाकिस्तानी हैंडलर से इतने प्रभावित थे कि उसके कहने पर कुछ भी कर सकते थे। इसे 'लोन वुल्फ अटैक' मॉड्यूल कहा जाता है। इसमें आरोपित किसी बड़े आतंकी संगठन के निर्देश के बिना अकेले ही योजना बनाकर घटना को अंजाम देता है।

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आरोपितों में प्रमुख है इजहार-उल-हक

एटीएस मामले में जब्त किए गए डिजिटल और इलेक्ट्रानिक डिवाइस पर काम कर रही है। इनकी फोरेंसिक रिपोर्ट की जांच की जाएगी। अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि चारों आरोपितों में प्रमुख इजहार-उल-हक है। वही तीनों को कट्टरपंथी आडियो, वीडियो और पढ़ने की सामग्री उपलब्ध कराता था।

भोपाल के फराज का सबसे अधिक करीबी नईम अब्दुल्ला था। नईम भोपाल में उसके घर में आकर भी रुका था। वह फराज से लश्कर-ए-तैयबा के मारे गए आतंकवादी खालिद सैफुल्लाह की तरह बनने के लिए कहता था। बता दें सैफुल्लाह रामपुर में सीआरपीएफ कैंप, भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरू और नागपुर में आरएसएस के मुख्यालय में हुए हमले का आरोपित भी था।