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'आशुतोष मेरे अनुज, कोई मनमुटाव नहीं', दतिया की हार के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भितरघात के आरोपों पर दी प्रतिक्रिया

Published: Wed, 05 Aug 2026 03:15 PM (IST)

दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद नरोत्तम मिश्रा ने भितरघात के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने प्रत्याशी ...और पढ़ें

आशुतोष तिवारी के साथ डॉ. नरोत्तम मिश्रा (सौजन्य- इंटरनेट मीडिया)

आशुतोष तिवारी के साथ डॉ. नरोत्तम मिश्रा (सौजन्य- इंटरनेट मीडिया)

HighLights

  1. नरोत्तम मिश्रा ने दतिया उपचुनाव में भितरघात के आरोप नकारे।

  2. आशुतोष तिवारी को अपना अनुज और मेहनती कार्यकर्ता बताया।

  3. कार्यकर्ताओं से पार्टी हित में संयम बरतने की अपील की।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा सीट परह हुए उपचुनाव का परिणाम आने के बाद भारतीय जनता पार्टी में चिंतन-मनन का दौर जा रही। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की पराजय के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा और उनके समर्थकों पर भी कुछ लोग उंगलियां उठा रहे हैं।

चुनाव में भितरघात के आरोप लगाते हुए कहा जा रहा है कि नरोत्तम व उनके समर्थकों ने चुनाव में आशुतोष तिवारी के पक्ष में जनसमर्थन जुटाने के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए। अब इस संदर्भ में नरोत्तम मिश्रा ने इंटरनेट मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है और आशुतोष के साथ संबंधों को लेकर चल रही मनमुटाव तथा भितरघात की खबरों को पूरी तरह भ्रामक, असत्य और निराधार बताया है।

नरोत्तम ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए स्पष्ट किया कि दतिया उपचुनाव के बाद उनके और उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी को लेकर जो भ्रामक और असत्य बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं।

आशुतोष की मेहनत को सराहा

नरोत्तम ने लिखा- 'आशुतोष तिवारी जी मेरे अनुज हैं। उनके प्रति मेरे मन में हमेशा स्नेह और आत्मीयता रही है, और आगे भी रहेगी। हमारे बीच न कभी कोई कटुता थी, न आज है। आज भी हमारी मुलाकात हमेशा की तरह उसी गर्मजोशी और अपनत्व के साथ हुई।

आशुतोष भारतीय जनता पार्टी के एक कर्मठ, समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता हैं। मेरे चुनाव 2003 डबरा से मैने उन्हें एक ईमानदार कार्यकर्ता के रूप में ही देखा है। मैंने वर्षों से उनकी कार्यशैली को करीब से देखा है। मुझे पूरा विश्वास है कि वे संगठन और जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे। आशुतोष जी ने भी परिणाम के पश्चात किसी का नाम लेकर नाराज़गी नहीं जताई यह भी सभी कार्यकर्ताओं के प्रति उनके मन में सम्मान के भाव का प्रकटीकरण है!

कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील

नरोत्तम ने कहा कि मैं अपने सभी समर्थकों और कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे ऐसा कोई कार्य, टिप्पणी या व्यवहार न करें, जिससे पार्टी, संगठन या आशुतोष जी को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचे। हमारी ताकत हमारी एकजुटता, अनुशासन और संस्कार हैं।

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'आशुतोष से 25 साल पुराना रिश्ता'

नरोत्तम ने आगे लिखा कि आशुतोष तिवारी और मेरे बीच 25 वर्षों का पारिवारिक रिश्ता है। वह सदैव मेरे अनुज है, उनके लिए मैं अभिभावक.. हमारा और उनका यह रिश्ता सदैव ऐसे ही बना रहेगा। राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन परिवार, संस्कार और रिश्ते हमेशा स्थायी रहते हैं !