विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'कोई पद लेने की नहीं इच्छा, मेरा पटाक्षेप हो गया', दतिया में भाजपा की पराजय के बाद नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान

Published: Tue, 04 Aug 2026 02:16 AM (IST)

दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी ...और पढ़ें

नरोत्तम मिश्रा (फाइल फोटो)

नरोत्तम मिश्रा (फाइल फोटो)

HighLights

  1. दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को मिली हार।

  2. नरोत्तम मिश्रा ने कहा मेरा राजनीतिक पटाक्षेप हो गया।

  3. किसी पद की इच्छा नहीं, कार्यकर्ता बनकर काम करेंगे।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा को हार मिली है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6 हजार से ज्यादा मतों से परास्त कर दिया। इसी बीच इस सीट पर भाजपा की ओर से टिकट के प्रबल दावेदार रहे डॉ. नरोत्तम मिश्रा का एक बड़ा बयान आया है।

मैंने सिर्फ विधानसभा का टिकट मांगा

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मैंने न तो कभी राज्यसभा का टिकट मांगा और न ही लोकसभा की सीट मांगी है। मैंने विधानसभा चुनाव के लिए टिकट जरूर मांगा था। लेकिन पार्टी ने किसी और को दिया। मैं 30 साल विधायक रहा हूं। पार्टी ने मुझे 15 साल मंत्री रखा है।

मेरा पटाक्षेप हो गया

उन्होंने कहा कि मेरा (राजनीति का) अब पटाक्षेप हो गया। कहीं तो पटाक्षेप होना ही है। अब मेरी कोई पद लेने की इच्छा नहीं है। मेरी बस एक इच्छा है कि एक कार्यकर्ता के रूप में पार्टी मुझे काम देते रहे। पिछले ढाई सालों से जैसे दे रही है। मुझे पार्टी ने ज्वाइनिंग टोली का संयोजक बनाया था। महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार चुनाव में भेजा। ऐसे ही पार्टी कहीं न कहीं काम में भेजती रहे बस। यही मेरी इच्छा है।

यह भी पढ़ें- नरोत्तम का गढ़, तिवारी का टिकट और कांग्रेस की वापसी… दतिया में कैसे पलटा पूरा चुनावी खेल?

गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट प्रदेश भाजपा के कद्दावर नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का गढ़ मानी जाती रही है। वह टिकट के प्रबल दावेदार भी थे, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने उनकी बजाय आशुतोष तिवारी जैसे नए चेहरे पर दांव लगाया।