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स्कूल छूटा तो नहीं रुकेगी पढ़ाई! MP की हर पंचायत में खुलेगा ‘शिक्षा घर’, ड्रॉपआउट बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाएगा ओपन बोर्ड

By Anjali RaiEdited By: Ravindra Soni
Published: Mon, 31 Aug 2026 07:27 PM (IST)

मध्य प्रदेश में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए 'शिक्षा घर' पहल शुरू की जा रही ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. स्कूल छोड़ चुके बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल।

  2. हर ग्राम पंचायत में 'शिक्षा घर' स्थापित किए जाएंगे।

  3. बड़वानी-नर्मदापुरम में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत।

अंजली राय, भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नई पहल शुरू होने जा रही है। प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में ‘शिक्षा घर’ स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र उन विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई का माध्यम बनेगा, जिन्होंने आठवीं से 10वीं तक की पढ़ाई के बाद किसी कारण से स्कूल छोड़ दिया है।

यह पूरी पहल राज्य मुक्त विद्यालय शिक्षा बोर्ड (राज्य ओपन स्कूल बोर्ड) के माध्यम से संचालित होगी। योजना के तहत शालात्यागी बच्चों की पहचान कर उन्हें ओपन स्कूल से जोड़ा जाएगा, ताकि वे हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की परीक्षा दे सकें।

बड़वानी-नर्मदापुरम से शुरुआत

योजना को शुरुआती चरण में बड़वानी और नर्मदापुरम जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक ‘शिक्षा घर’ शुरू करने की योजना है। यहां विद्यार्थियों को निश्शुल्क ऑनलाइन कक्षाएं और अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

राज्य ओपन स्कूल बोर्ड ही विद्यार्थियों की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आयोजित करेगा। परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को बोर्ड की ओर से प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। योजना के लिए ‘शिक्षा घर’ एप भी तैयार किया गया है।

15 से 30 विद्यार्थियों पर एक केंद्र

प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिक्षा घर शुरू करने के लिए कम से कम 15 विद्यार्थियों का होना जरूरी होगा। एक केंद्र में अधिकतम 30 विद्यार्थियों को रखा जाएगा। यदि किसी पंचायत में विद्यार्थियों की संख्या 30 से अधिक होती है तो वहां दो शिक्षा घर खोले जा सकेंगे।

खास बात यह है कि कक्षाओं का समय विद्यार्थियों की सुविधा और उनके काम के अनुसार तय किया जाएगा। इससे नौकरी या मजदूरी करने वाले युवा भी अपनी दिनचर्या के मुताबिक पढ़ाई कर सकेंगे। ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन राज्य ओपन स्कूल बोर्ड के स्टूडियो से किया जाएगा।

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शिक्षा घर चलाने वालों को भी तय करनी होगी पात्रता

शिक्षा घर संचालित करने के इच्छुक आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक व्यक्ति को अपनी समग्र आईडी के माध्यम से एमपीई सेवा पोर्टल पर पंजीयन कर आवेदन करना होगा।

आवेदन में आवेदक को 10वीं, 12वीं, स्नातक, डीएलएड और बीएड सहित अपनी शैक्षणिक योग्यता की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा शिक्षा घर के लिए उपलब्ध कक्ष, पर्याप्त स्थान, शौचालय, पेयजल, टीवी और इंटरनेट जैसी सुविधाओं का विवरण भी देना होगा।

शिक्षा घर संचालित करने वाले आवेदक का मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य रखा गया है। योजना का उद्देश्य उन युवाओं को दोबारा पढ़ाई का अवसर देना है, जो किसी वजह से स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं।

बोर्ड की ओर से आठवीं और 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके और स्कूल से बाहर हो गए विद्यार्थियों को चिन्हित किया जा रहा है। उन्हें शिक्षा से जोड़ा जाएगा। अभी दो जिले बड़वानी व नर्मदापुरम से शुरू किया जाएगा। बाद में सभी जिलों में शुरू होगा।
- रविंद्र सिंह, संचालक, राज्य ओपन बोर्ड।