MP Police में 9,662 पदों पर भर्तियां जल्द, PHQ ने ESB को भेजा प्रस्ताव, सितंबर में ही शुरू होगी प्रक्रिया
पुलिस विभाग में आरक्षक, उप निरीक्षक और सूबेदार सहित कई पदों पर होनी है भर्ती। अगले वर्ष मार्च तक नियुक्ति ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
पुलिस मुख्यालय ने 9,662 पदों पर भर्ती प्रस्ताव भेजा।
भर्ती विज्ञापन सितंबर में, नियुक्ति मार्च 2027 तक संभव।
सिंहस्थ 2028 के लिए पुलिस बल मजबूत करने पर जोर।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। पुलिस मुख्यालय ने आरक्षक (जीडी), ड्राइवर, उप निरीक्षक और सूबेदार के कुल 9,662 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) को भेज दिया है। भर्ती का विज्ञापन सितंबर में जारी होने की संभावना है। पिछली भर्ती की तर्ज पर इस बार भी पूरी प्रक्रिया करीब छह महीने में पूरी करने की तैयारी है। सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार रहा तो मार्च 2027 तक चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो सकती है।
यह भर्ती उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस बल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
भर्ती नियमों में कोई बदलाव नहीं
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक इस बार भर्ती नियमों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। 2025 में आरक्षक और उप निरीक्षक भर्ती के लिए लागू नियम ही इस भर्ती में भी प्रभावी रहेंगे।
उप निरीक्षक और सूबेदार पद के लिए अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और साक्षात्कार की प्रक्रिया से गुजरना होगा। वहीं आरक्षक पद के लिए लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। आरक्षक भर्ती में साक्षात्कार नहीं होगा।
दोनों स्तर की भर्ती में मेरिट तैयार करते समय शारीरिक दक्षता परीक्षा में प्राप्त अंकों को भी शामिल किया जाएगा।
भर्ती के बाद फिर आएंगे 8 हजार पद
पुलिस मुख्यालय की योजना केवल मौजूदा 9,662 पदों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के अनुसार यह भर्ती पूरी होने के बाद अगले वर्ष विभिन्न श्रेणियों के करीब 8,000 पदों पर एक और भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस बीच पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में भर्ती के लिए अलग बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत के मुताबिक नियमित और तेजी से भर्तियां की जा सकें।
अलग पुलिस भर्ती बोर्ड की तैयारी
फिलहाल पुलिस की भर्ती कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होती है। मंडल पर विभिन्न विभागों की परीक्षाओं का दबाव रहता है, जिसके कारण कई बार भर्ती परीक्षाओं के आयोजन में देरी होती है।
इसी समस्या को देखते हुए सरकार पुलिस भर्ती के लिए अलग बोर्ड बनाने पर जोर दे रही है। इसका उद्देश्य पुलिस बल में रिक्त पदों को जरूरत के अनुसार समय पर भरना और भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
पिछली भर्ती परीक्षा में सामने आए थे ‘मुन्नाभाई’ के मामले
पुलिस भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सबक लिए हैं। वर्ष 2023 की पुलिस आरक्षक भर्ती के दौरान आधार और बायोमेट्रिक जानकारी में छेड़छाड़ कर दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने के मामले सामने आए थे।
नई भर्ती प्रक्रिया में ऐसे फर्जीवाड़े रोकने के लिए पहचान सत्यापन और परीक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की उम्मीद है।
सिंहस्थ से पहले पुलिस बल मजबूत करने पर फोकस
उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की जरूरत होगी। 9,662 पदों की भर्ती को इसी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
किस श्रेणी के कितने पदों पर होंगी भर्तियां
- आरक्षक (जीडी) के लिए कुल 7,500 पद।
- आरक्षक (चालक) के लिए 1,000 पद।
- शीघ्रलेखक के 135 पद।
- सहायक उप निरीक्षक के कुल 520 पद।
- सूबेदार के 81 पद।
- उप निरीक्षक (जिला बल) के कुल 412 पद।
- उप निरीक्षक (एसएएफ) के कुल 69 पद।
- उप निरीक्षक (क्यूडी) के चार पद।
- उप निरीक्षक (अंगुली चिह्न) के 22 पद।
- उप निरीक्षक (आयुध) के 10 पद।
- उप निरीक्षक (फोटो) के नौ पद।
