केरल में MP की 224 हेक्टेयर ‘बानाची एस्टेट’ बिकेगी, मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला, पहले होगा मूल्यांकन
कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्री प्रहलाद पटेल ने पूछा- इसे क्यों बेच रहे? इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि वहां अतिक्रमण हो रहा है, कोई लाभ भी नहीं।

मंत्रालय में हुई मोहन कैबिनेट की बैठक।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने केरल के वायनाड जिले के सुल्तान बाथरी स्थित अपनी 224.31 हेक्टेयर बानाची एस्टेट को बेचने का अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
सरकार के अनुसार, एस्टेट की बिक्री से पहले उसका विस्तृत मूल्यांकन कराया जाएगा। इसके आधार पर केरल सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा और कैबिनेट की अंतिम स्वीकृति के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अतिक्रमण और आय न होने से लिया फैसला
सूत्रों के मुताबिक, इसके पहले वित्त विभाग के इस प्रस्ताव पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने पूछा कि इस परिसंपत्ति को क्यों बेचा जा रहा है और इससे हमें क्या प्राप्त होगा।
इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बानाची एस्टेट पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है और राज्य को इससे कोई आय भी प्राप्त नहीं हो रही है। ऐसे में इसे बनाए रखने का कोई व्यावहारिक लाभ नहीं है।
160 परिवारों का कब्जा
बताया जा रहा है कि कुल 224.31 हेक्टेयर में से लगभग 64.95 हेक्टेयर भूमि पर करीब 160 किसान परिवारों का कब्जा है। इस विवाद को लेकर मामला केरल हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां दोनों राज्यों को आपसी सहमति से समाधान निकालने का सुझाव दिया गया था।
यह भी पढ़ें- MP में कन्यादान योजना के तहत एक साल में 44 हजार से अधिक विवाह कराएगी सरकार, तिथियां निर्धारित
केरल सरकार को सौंपने की तैयारी
वित्त विभाग का मानना है कि इस संपत्ति को कलेक्टर गाइडलाइन दर पर केरल सरकार को सौंपना बेहतर विकल्प होगा, जिससे लगातार हो रहे विवादों से भी निजात मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इस भूमि का स्वामित्व मध्य प्रदेश की प्रोविडेंट इन्वेस्टमेंट कंपनी के पास है।

