विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

MP में अब 24x7 दौड़ेगा कारोबार! राज्यपाल की मंजूरी के बाद रातभर खुल सकेंगे मॉल-रेस्टोरेंट

Updated: Thu, 13 Aug 2026 08:51 PM (IST)

मध्य प्रदेश में अब मॉल, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठान 24 घंटे खुले रह सकेंगे, राज्यपाल ने 'श्रम शक्ति संहिता-2026' को मंजूरी दी है। यह कदम आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा और रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

-AI Generated Image

-AI Generated Image

HighLights

  1. राज्यपाल ने 'श्रम शक्ति संहिता-2026' को दी मंजूरी।

  2. मॉल, रेस्टोरेंट सहित व्यावसायिक प्रतिष्ठान अब 24 घंटे खुलेंगे।

  3. आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में अब आर्थिक गतिविधियों को 24 घंटे संचालित करने का रास्ता साफ हो गया है। मॉल, रेस्टोरेंट, थिएटर, बिजनेस सेंटर, आईटी कार्यालय और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान रात में भी खुले रह सकेंगे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तीकरण संहिता यानी ‘श्रम शक्ति संहिता-2026’ विधेयक को मंजूरी दे दी है।

अब स्थानीय निकाय और जिला प्रशासन की अनुशंसा के आधार पर सरकार किसी शहर या क्षेत्र में 24 घंटे बाजार और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने की अनुमति दे सकेगी। हालांकि, इसके लिए कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्राथमिक आधार बनाया जाएगा।

राज्यपाल ने वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट से संबंधित विनियोग विधेयक को भी मंजूरी दे दी है। वहीं, समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को कानूनी सलाह के लिए विधि एवं विधायी शाखा को भेजा गया है।

भोपाल-इंदौर से शुरू हुई थी कवायद

प्रदेश में बाजारों को 24 घंटे खोलने की पहल वर्ष 2024 में शुरू हुई थी। श्रम विभाग ने भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसका प्रस्ताव तैयार किया था। बाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका दायरा सभी नगर निगमों और औद्योगिक क्षेत्रों तक बढ़ाने की घोषणा की।

हालांकि, नियमों में संशोधन की प्रक्रिया के दौरान कई स्तर पर आपत्तियां भी सामने आईं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग से राय मांगी गई थी। तत्कालीन चर्चा में शहरों में रात के समय होने वाली सफाई व्यवस्था पर बाजार खुले रहने से पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता जताई गई थी। इसके चलते प्रस्ताव कुछ समय के लिए आगे नहीं बढ़ सका।

अब विधानसभा से संशोधन विधेयक पारित होने और राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसे कानूनी आधार मिल गया है।

IT सेक्टर की जरूरत को देखते हुए अहम फैसला

अधिकारियों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में आईटी और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं और आईटी सेक्टर में तीन शिफ्ट में 24 घंटे काम होता है। ऐसे में रात की पाली में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भोजन, परिवहन और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है।

सरकार का मानना है कि 24 घंटे व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति मिलने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है और नए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

रात में काम करने वालों के लिए अलग प्रावधान

नई संहिता में नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के हितों को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। उनकी कार्य अवधि की गणना दिन की शिफ्ट से अलग तरीके से की जा सकेगी। साप्ताहिक निर्धारित कार्य घंटे पूरे करने के लिए नियोक्ता किसी दिन कर्मचारी से अधिक समय तक काम करा सकता है, लेकिन एक दिन में काम की अवधि 12 घंटे से अधिक नहीं होगी।

यह भी पढ़ें- MP Board Exam 2027: 10वीं-12वीं परीक्षा का टाइम टेबल जारी, 17 फरवरी से शुरू होंगी परीक्षाएं; यहां देखें पूरा शेड्यूल

महिलाओं की नाइट शिफ्ट में सुरक्षा और परिवहन जरूरी

नई व्यवस्था में महिलाओं को भी रात की पाली में काम करने की अनुमति होगी। हालांकि, इसके लिए नियोक्ता को उनकी सुरक्षा और परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। महिला कर्मचारियों को घर से कार्यस्थल तक लाने और शिफ्ट पूरी होने के बाद सुरक्षित घर पहुंचाने की जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी।

कर्मचारी के मूल दस्तावेज नहीं रख सकेगा संस्थान

नई संहिता में कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर एक और महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। अब किसी संस्थान को कर्मचारी के मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान संबंधी दस्तावेज या अन्य निजी सामान को बंधक बनाकर रखने की अनुमति नहीं होगी।

दरअसल, कई संस्थानों में कर्मचारियों के नौकरी छोड़कर जाने से रोकने के लिए उनके मूल दस्तावेज अपने पास रख लेने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नए प्रावधान के बाद ऐसी व्यवस्था पर रोक लगेगी।

किन शर्तों पर खुलेंगे बाजार?

नई व्यवस्था के तहत 24 घंटे बाजार खोलने का निर्णय स्वतः सभी शहरों पर लागू नहीं होगा। स्थानीय निकाय और जिला प्रशासन की अनुशंसा के आधार पर सरकार संबंधित शहर या क्षेत्र में यह व्यवस्था लागू कर सकेगी। कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा।

इस बदलाव के साथ मध्य प्रदेश उन राज्यों की सूची में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां चुनिंदा शहरी और व्यावसायिक क्षेत्रों में 24 घंटे आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी गई है।