MP के सरकारी स्कूलों में 9वीं से छात्र सीखेंगे AI का सबक, हफ्ते में 3 दिन लगेगी ऑनलाइन क्लास
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंट का व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू हो रहा है। ...और पढ़ें

-एआई से निर्मित इमेज।
HighLights
कक्षा 9वीं से AI असिस्टेंट व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू।
1,848 आईसीटी स्कूलों में 1 सितंबर से ऑनलाइन।
छात्रों को AI की बुनियादी समझ और कौशल मिलेगा।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा का दायरा बढ़ाया जा रहा है। शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा 9वीं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंट का व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के 1,848 आईसीटी स्कूलों में यह पाठ्यक्रम संचालित होगा। इसकी ऑनलाइन कक्षाएं 1 सितंबर से शुरू होंगी।
लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने पाठ्यक्रम के संचालन को लेकर स्कूलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह सुविधा उन्हीं विद्यालयों में उपलब्ध होगी, जहां आईसीटी लैब स्थापित है।
स्मार्ट क्लास में दिखाए जाएंगे AI के वीडियो
एआई असिस्टेंट पाठ्यक्रम की पढ़ाई ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से कराई जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग के विमर्श पोर्टल पर उपलब्ध यूट्यूब वीडियो को स्मार्ट क्लास के जरिए विद्यार्थियों को दिखाया जाएगा।
सप्ताह में तीन दिन सैद्धांतिक कक्षाएं ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से संचालित होंगी। सोमवार और बुधवार को नए पाठ से जुड़े वीडियो दिखाए जाएंगे और विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान भी कराया जाएगा। तीसरी कक्षा भी विभाग द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार आयोजित की जाएगी।
129 स्कूल संशोधित सूची से बाहर
एआई असिस्टेंट पाठ्यक्रम के लिए पहले 1,848 विद्यालयों की सूची तैयार की गई थी। बाद में इसमें संशोधन किया गया है। 24 आईसीटी प्रयोगशालाओं को दूसरे आईसीटी विद्यालयों में स्थानांतरित किया गया है।
वहीं, 48 विद्यालय सीबीएसई से संचालित होने के कारण सूची से बाहर किए गए हैं। मध्य प्रदेश ओपन स्कूल के माध्यम से पहले से एआई पाठ्यक्रम चला रहे 42 विद्यालयों को भी नई सूची में शामिल नहीं किया गया है।
इसके अलावा 15 विद्यालयों में आईसीटी लैब उपलब्ध नहीं होने या पहले से आईटी एवं आईटी आधारित सेवाओं का ट्रेड संचालित होने के कारण उन्हें भी सूची से हटा दिया गया है।
शुक्रवार को प्रैक्टिकल, शनिवार को रिवीजन
ऑनलाइन वीडियो के जरिए सैद्धांतिक पढ़ाई के बाद विद्यार्थियों को विषय से जुड़े अभ्यास और प्रयोगात्मक कार्य कराए जाएंगे। शुक्रवार को पूरे सप्ताह दिखाए गए वीडियो के आधार पर अभ्यास एवं प्रैक्टिकल गतिविधियां होंगी।
शनिवार को पुनरावृत्ति दिवस रखा गया है। यदि किसी विद्यार्थी को कोई पाठ या वीडियो कठिन लगता है तो शिक्षक उसे विमर्श पोर्टल से डाउनलोड कर दोबारा दिखा सकेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की विषय पर पकड़ मजबूत करना है।
प्राचार्य और आईसीटी प्रशिक्षक की होगी अहम भूमिका
स्कूलों में पाठ्यक्रम के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी प्राचार्य और आईसीटी प्रशिक्षक की होगी। उन्हें विद्यार्थियों की समय पर उपस्थिति के साथ-साथ कक्षा में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी।
तकनीकी समस्या के कारण यदि किसी दिन वीडियो नहीं चल पाता है तो उसे अगले कार्य दिवस में अनिवार्य रूप से दिखाना होगा। विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान रोजगार कौशल, अंग्रेजी और जीव विज्ञान के शिक्षक तथा एआई असिस्टेंट विषय के कंप्यूटर प्रशिक्षक करेंगे।
इस पहल से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को स्कूली स्तर पर ही एआई जैसी उभरती तकनीक की बुनियादी समझ और व्यावसायिक कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा।
