विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भोपाल-विदिशा सफर होगा तेज और आसान, 44.83 किमी फोरलेन के साथ बनेंगे 3 नए बायपास

Updated: Wed, 12 Aug 2026 07:06 PM (IST)

भोपाल-विदिशा मार्ग को 44.83 किमी फोरलेन में विकसित किया जाएगा, साथ ही भोपाल बायपास को छह लेन में अपग्रेड किया जाएगा। यह परियोजना कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगी, जिससे यातायात का दबाव भी कम होगा।

फोरलेन मार्ग (प्रतीकात्मक चित्र)

फोरलेन मार्ग (प्रतीकात्मक चित्र)

HighLights

  1. भोपाल-विदिशा मार्ग 44.83 किमी फोरलेन में होगा विकसित।

  2. भोपाल बायपास को चार से छह लेन में किया जाएगा अपग्रेड।

  3. परियोजना से कनेक्टिविटी, निवेश और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन में विकसित करने का निर्णय लिया है। करीब 44.830 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण पेव्ड शोल्डर के साथ चार लेन में किया जाएगा।

इस परियोजना से भोपाल और विदिशा के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ औद्योगिक निवेश और क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। सड़क पर तीन बायपास बनाए जाएंगे, जिससे सूखी सेवनिया, बेरखेड़ी और सलामतपुर क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा।

हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल पर होगा सड़क का निर्माण

भोपाल मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र के विस्तार और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को देखते हुए परियोजना को हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। निर्माण लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम राज्य राजमार्ग निधि से जीएसटी सहित वहन करेगा।

शेष 60 प्रतिशत राशि निर्माण के बाद संचालन अवधि में 15 वर्षों तक छमाही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट से उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, निर्माण से पहले भू-अर्जन और अन्य जरूरी कार्यों के लिए 364 करोड़ 41 लाख रुपये का भुगतान भी राज्य बजट से किया जाएगा।

भानपुर से सलामतपुर तक जुड़ेगा महत्वपूर्ण कॉरिडोर

मौजूदा भोपाल-विदिशा मार्ग अयोध्या बायपास के भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-146 पर सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाता है। करीब 44.83 किमी लंबा यह मार्ग भानपुर, चोपड़ाकला, सूखी सेवनिया, डोब, बालमपुर, दीवानगंज और सलामतपुर से होकर भोपाल और विदिशा जिलों को जोड़ता है।

यह मार्ग पर्यटन और भौगोलिक दृष्टि से भी खास है। रायसेन जिले में स्थित सांची स्तूप, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, इसी कॉरिडोर के नजदीक है। इसके अलावा कर्क रेखा भी भोपाल-विदिशा मार्ग के किलोमीटर 24.550 से होकर गुजरती है।

भोपाल बायपास छह लेन होगा, 2031 तक टोल

कैबिनेट ने भोपाल बायपास को भी अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत 51.963 किमी लंबे भोपाल बायपास को चार लेन से छह लेन में विकसित किया जाएगा।

इसके साथ ही इस मार्ग पर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक टोल टैक्स वसूली की अनुमति दी गई है। आवश्यकता के अनुसार इस अवधि को पांच वर्ष तक बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है।

भोपाल बायपास इंदौर, रायसेन, विदिशा और नर्मदापुरम जिलों को राजधानी से जोड़ता है। इसके छह लेन में विकसित होने से शहर के भीतर वाहनों का दबाव घटने और यात्रियों को अधिक सुगम कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। सड़क का नियमित संचालन और रखरखाव मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- MP में अब गिद्धों की दुनिया से रूबरू होंगे पर्यटक, पन्ना-रीवा समेत 5 जगह शुरू होगी ‘वल्चर वाकिंग सफारी’

निवेश और कनेक्टिविटी को मिलेगा नया बूस्ट

भोपाल-विदिशा फोरलेन परियोजना और भोपाल बायपास के छह लेन विस्तार से राजधानी के आसपास के क्षेत्रों में परिवहन नेटवर्क मजबूत होगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से औद्योगिक गतिविधियों, निवेश, पर्यटन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।