भोपाल में सड़क पर जेन जी-अल्फा, कहा- सरकारी स्कूलों को बंद न करो; शिक्षकों की संख्या कम करने का भी विरोध
भोपाल में सरकारी स्कूलों को मर्जर के नाम पर बंद किए जाने के विरोध में बड़ा प्रदर्शन हुआ, जिसमें जेन ...और पढ़ें

नीलम पार्क में प्रदर्शन करते छात्र-छात्राएं, शिक्षक भी हुए शामिल।
HighLights
सरकारी स्कूलों को बंद करने के विरोध में प्रदर्शन।
जेन जी, शिक्षक और अभिभावक प्रदर्शन में शामिल।
स्कूलों की मरम्मत और पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों को मर्जर के नाम पर बंद किए जाने के विरोध में रविवार को भोपाल के नीलम पार्क में बड़ा प्रदर्शन किया गया। स्कूल बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में प्रदेशभर से जेन जी, जेन अल्फा, शिक्षक और अभिभावक कुल करीब 700 प्रदर्शनकारी शामिल हुए।
चार घंटे तक प्रदर्शन
करीब चार घंटे चले प्रदर्शन में विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों को बचाना है के नारे लगाए। समिति के राज्य संयोजक मुदित भटनागर ने कहा कि स्कूल बंद होने के बाद विद्यार्थियों को आठ से 10 किलोमीटर तक की दूरी तय कर पढ़ाई के लिए जाना पड़ रहा है। इससे विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों और छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

स्कूलों बंद करने के बजाय सुविधाएं बढ़ाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों के बजट में लगातार कटौती के कारण कई स्कूल वर्षों से मरम्मत के इंतजार में हैं। वर्षा के दौरान कई स्कूलों की छतों से पानी टपकता है, जबकि कुछ भवनों में सीलन और अन्य समस्याएं हैं। बेहतर हो कि बंद करने के बजाय स्कूलों के जर्जर भवनों की मरम्मत, पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
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प्रदर्शन में टीईटी की अनिवार्यता और शिक्षकों की संख्या कम करने का भी विरोध किया गया। समिति के डा. रामावतार शर्मा ने यूडाइस के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देशभर में पिछले 10 वर्षों में 94 हजार सरकारी स्कूल बंद हुए हैं। उनके अनुसार, मध्य प्रदेश में करीब 30 हजार स्कूल बंद किए गए हैं।
