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कंफर्म था टिकट, मगर देरी से पहुंचने पर छूट गई ट्रेन? पैसे वापस मिलेंगे या नहीं, जान लीजिए रेलवे के नियम

Published: Sun, 06 Sep 2026 11:53 AM (IST)

ट्रेन मिस होने पर अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या मेरे सारे पैसे डूब गए या रेलवे कुछ रिफंड देगा? आइए, इस आर्टिकल में समझते हैं।

ट्रेन छूट गई, तो क्या टिकट के पैसे भी गए? (Image Source: AI-Generated)

ट्रेन छूट गई, तो क्या टिकट के पैसे भी गए? (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जरा सोचिए, आप एक हाथ में बैग और दूसरे में फोन थामे स्टेशन की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं। सांसें फूली हुई हैं, और जैसे ही आप प्लेटफॉर्म पर पहुंचते हैं, आपको अपनी ट्रेन आखिरी डिब्बा दूर जाते हुए नजर आता है। ट्रेन छूटने का यह मंजर जितना दिल तोड़ने वाला होता है, उससे कहीं ज्यादा बुरा तब लगता है जब याद आता है कि जेब में एक महंगी कंफर्म टिकट भी थी।

ऐसे में, सबसे पहला ख्याल यही आता है कि "क्या मेरा सारा पैसा डूब गया, या रेलवे मुझे कुछ वापस करेगा?" अगर आप भी कभी इस स्थिति का सामना कर चुके हैं या भविष्य में इससे बचना चाहते हैं, तो रेलवे के रिफंड नियम आपकी मदद कर सकते हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ट्रेन छूटने पर आपको क्या करना चाहिए।

irctc rules

(Image Source: AI-Generated)

खुद की देरी से ट्रेन छूटी, तो क्या होगा?

अगर आप स्टेशन पहुंचने में लेट हो गए हैं या किसी अन्य व्यक्तिगत कारण से आपकी ट्रेन छूट गई है, तो रेलवे आपको इसका रिफंड नहीं देता। ट्रेन निकल जाने के बाद सामान्य स्थितियों में पैसा वापस क्लेम नहीं किया जा सकता।

आईआरसीटीसी का स्पष्ट नियम है कि कंफर्म ई-टिकट का पैसा वापस पाने के लिए उसे एक तय समय-सीमा के भीतर कैंसिल करना या ऑनलाइन टीडीआर फाइल करना अनिवार्य है। नियमानुसार, कंफर्म टिकट के मामले में ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम 4 घंटे पहले यह कैंसिलेशन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

आखिरी वक्त के बजाय समय पर टिकट करें कैंसिल

अगर आपको पहले से अंदाजा हो गया है कि आप सफर नहीं कर पाएंगे, तो सही समय पर टिकट कैंसिल करने में ही समझदारी है। टिकट कैंसिल करने का चार्ज इस बात पर निर्भर करता है कि आपने प्रस्थान से कितना पहले उसे रद्द किया है:

  • 48 घंटे से पहले: यात्रा के समय से 48 घंटे या उससे ज्यादा समय पहले टिकट कैंसिल करने पर किराए से केवल एक तय न्यूनतम शुल्क ही काटा जाता है।
  • 12 से 48 घंटे के बीच: अगर आप प्रस्थान से 12 से 48 घंटे पहले टिकट रद्द करते हैं, तो आपके कुल किराए का 25 फीसदी तक हिस्सा कट सकता है।
  • 4 से 12 घंटे के बीच: ट्रेन छूटने के 4 से 12 घंटे के भीतर टिकट कैंसिल करने पर किराए का 50 फीसदी तक कैंसिलेशन शुल्क के रूप में काट लिया जाता है।

जब ट्रेन हो 3 घंटे से ज्यादा लेट

अगर ट्रेन आपके बोर्डिंग स्टेशन पर ही 3 घंटे से ज्यादा देरी से चल रही है, तो रिफंड के नियम पूरी तरह बदल जाते हैं।

ऐसी स्थिति में अगर आप अपनी यात्रा रद्द करने का फैसला करते हैं, तो आपको पूरा किराया वापस मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए सबसे बड़ी शर्त यह है कि आपको ट्रेन के वास्तविक प्रस्थान से पहले ही ऑनलाइन टीडीआर दाखिल करना होगा। इसके अलावा, आपके PNR पर दर्ज किसी भी यात्री ने उस ट्रेन में सफर न किया हो।

चार्ट बनने के बाद और तत्काल टिकट के नियम

एक बार ट्रेन का चार्ट तैयार हो जाने के बाद आप सामान्य तरीके से ई-टिकट कैंसिल नहीं कर सकते। ऐसी स्थिति में अगर आपका मामला रेलवे के रिफंड नियमों के दायरे में आता है, तो केवल ऑनलाइन TDR का ही विकल्प बचता है।

जहां तक कंफर्म तत्काल टिकट की बात है, तो इसे कैंसिल करने पर सामान्यतः कोई भी रिफंड नहीं मिलता है। यानी अगर आपकी वजह से तत्काल टिकट वाली ट्रेन छूटी, तो पैसा वापस मिलना मुमकिन नहीं है। हालांकि, अगर आपकी तत्काल टिकट वाली ट्रेन खुद 3 घंटे से ज्यादा लेट है और आप सफर नहीं करना चाहते, तो टीडीआर प्रक्रिया का पालन करके रिफंड पाने का प्रावधान है।

सिर्फ ट्रेन छूट जाने से रिफंड का दावा नहीं किया जा सकता। अपने पैसों को डूबने से बचाने के लिए रेलवे की समय-सीमा और कैंसिलेशन नियमों को ध्यान में रखकर ही कदम उठाना बेहतर होता है।

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