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    वैलेंटाइन डे या ब्रेकअप डे? 14 फरवरी आने से पहले क्यों टूट जाते हैं कई रिश्ते? जानिए इसके 5 बड़े कारण

    Updated: Wed, 11 Feb 2026 03:19 PM (IST)

    वैलेंटाइन वीक के दौरान ब्रेकअप के मामले बढ़ने के कई मनोवैज्ञानिक कारण हैं। इनमें उम्मीदों का भारी बोझ, रिश्ते का लिटमस टेस्ट, सोशल मीडिया पर तुलना, आर ...और पढ़ें

    क्यों वैलेंटाइन वीक में बढ़ जाते हैं ब्रेकअप? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्यों वैलेंटाइन वीक में बढ़ जाते हैं ब्रेकअप? (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. वैलेंटाइन वीक करीब आते ही ब्रेकअप के मामले बढ़ जाते हैं

    2. ब्रेकअप होने के पीछे सिर्फ एक दिन जिम्मेदार नहीं होता

    3. पार्टनर के साथ तालमेल, एक्सपेक्टेशन और दूसरों से तुलना जैसे कई कारण ब्रेकअप की वजह हैं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। फरवरी का महीना आते ही चारों तरफ लाल गुलाब, दिल के आकार के गुब्बारे और प्यार के इजहार की चर्चा होने लगती है, लेकिन वैलेंटाइन वीक करीब आते-आते कई लोगों का ब्रेकअप भी हो जाता है। जी हां, वैलेंटाइन वीक के आस-पास ब्रेकअप के मामले ज्यादा बढ़ जाते हैं। 

    ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि इस रोमांटिक सीजन में आखिर लोग ब्रेकअप क्यों कर लेते हैं? इसके पीछे क्या कारण हैं? वैलेंटाइन वीक से पहले ब्रेकअप के पीछे कई मनोवैज्ञानिक कारण छिपे हैं। आइए जानें इनके बारे में। 

    Valentine Week Break Up

    (AI Generated Image)

    उम्मीदों का भारी बोझ 

    वैलेंटाइन डे अपने साथ एक बहुत बड़ी उम्मीद लेकर आता है। फिल्मों और विज्ञापनों ने इसे परफेक्ट बनाने का इतना दबाव बना दिया है कि पार्टनर एक-दूसरे से चांद-तारे तोड़ लाने की उम्मीद करने लगते हैं। जब एक पार्टनर बहुत बड़ा सरप्राइज चाहता है और दूसरा इसे सामान्य दिन की तरह देखता है, तो एक्सपेक्टेशन मिसमैच होता है। यही निराशा अक्सर झगड़े और फिर ब्रेकअप का कारण बनती है।

    रिश्ते का लिटमस टेस्ट

    वैलेंटाइन डे एक मील के पत्थर की तरह काम करता है। लोग खुद से सवाल पूछने लगते हैं कि क्या मैं इस व्यक्ति के साथ अपना भविष्य देखता हूं? अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर वे वैलेंटाइन डे साथ मना रहे हैं, तो इसका मतलब है कि रिश्ता सीरियस है। अगर किसी के मन में रिश्ते को लेकर जरा सा भी संदेह होता है, तो वे 14 फरवरी आने से पहले ही रिश्ता खत्म करना बेहतर समझते हैं ताकि उन्हें झूठा दिखावा न करना पड़े।

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    सोशल मीडिया की तुलना

    आजकल प्यार पर्सनल कम और पब्लिक शो ज्यादा हो गया है। जब कोई देखता है कि उनके दोस्त के पार्टनर ने उसे महंगा तोहफा दिया है या वे साथ में हॉलीडे पर गए हैं, तो वे अनजाने में अपने रिश्ते की तुलना करने लगते हैं। यह तुलना मन में हीन भावना पैदा करता है और पार्टनर की खूबियों के बजाय उसकी कमियां नजर आने लगती हैं।

    आर्थिक तनाव

    सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह भी एक कारण है। वैलेंटाइन डे पर गिफ्ट्स, डिनर और सेलिब्रेशन का खर्च बजट बिगाड़ सकता है। अगर रिश्ते में पहले से ही तनाव है, तो पैसों को लेकर होने वाली बहस चिंगारी का काम करती है। कई बार पार्टनर को लगता है कि उन पर एक्सपेंसिव होने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे वे रिश्ते से भागने लगते हैं।

    रेड फ्लैग्स का अचानक नजर आना

    जब कोई बड़ा अवसर करीब होता है, तो हम अपने पार्टनर के व्यवहार को ज्यादा बारीकी से नोटिस करते हैं। अगर पार्टनर इस खास दिन के लिए कोई कोशिश नहीं कर रहा है, तो दूसरे को लगता है कि उसे अब प्यार नहीं करता। यह इमोशनल डिस्कनेक्ट वैलेंटाइन डे के शोर में और ज्यादा उभर कर सामने आता है।