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    बच्चों के कारण पार्टनर के साथ नहीं बिता पा रहे हैं क्वालिटी टाइम? तो 5 आसान टिप्स करेंगे आपकी मदद

    Updated: Wed, 07 Jan 2026 03:54 PM (IST)

    माता-पिता बनने की खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। लेकिन इसके साथ कई जिम्मेदारियां भी आती हैं। ऐसे में कई बार इन जिम्मेदारियों को बोझ में हम ...और पढ़ें

    क्या पार्टनर के साथ समय बिताने का नहीं मिल पा रहा मौका? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्या पार्टनर के साथ समय बिताने का नहीं मिल पा रहा मौका? (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. बच्चे के आने के बाद पार्टनर के लिए समय निकालना कई बार मुश्किल हो जाता है

    2. पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताना रिश्ते की मजबूती के लिए जरूरी है

    3. कुछ टिप्स की मदद से अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी समय बिता सकते हैं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। माता-पिता बनना जीवन के सबसे खुशनुमा अनुभवों में से एक है, लेकिन इस नई जिम्मेदारी के साथ अक्सर पति-पत्नी के बीच का आपसी समय कहीं खो जाता है। बच्चों की पढ़ाई, उनकी सेहत और घर के कामों के बीच 'क्वालिटी टाइम' (Quality Time with Partner) एक सपना सा लगने लगता है।

    ऐसे में अक्सर ऐसा लगने लगता है, जैसे आपके रिश्ते में दूरी आ रही है। अगर आप भी महसूस कर रहे हैं कि बच्चों के कारण आप अपने पार्टनर के साथ समय (Quality Time with Partner After Kids) नहीं बिता पा रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। यहां 5 टिप्स दिए गए हैं जो आपके शादीशुदा जीवन में फिर से वही पुरानी चमक और नजदीकी ला सकते हैं।

    'अर्ली बेडटाइम' रूटीन बनाएं

    बच्चों के लिए सोने का एक फिक्स समय तय करना न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि यह आपको और आपके पार्टनर को सुकून के कुछ घंटे भी देता है। अगर बच्चे रात 8 या 9 बजे तक सो जाते हैं, तो आपके पास बातचीत करने, फिल्म देखने या साथ में डिनर करने के लिए काफी समय बचता है। इस समय को घर के कामों में खर्च करने के बजाय एक-दूसरे के लिए रखें।

    How to spend quality time with partner (1)

    (Picture Courtesy: Freepik)

    'माइक्रो-डेट्स' का सहारा लें

    क्वालिटी टाइम का मतलब हमेशा बाहर जाना या लंबी छुट्टियां मनाना नहीं होता। दिन भर में छोटे-छोटे पल चुराएं। उदाहरण के लिए, बच्चों के स्कूल जाने के बाद 15 मिनट साथ बैठकर चाय पीना, बच्चों के खेलने के दौरान बालकनी में टहलना या रात को सोने से पहले बिना फोन के 10 मिनट बात करना। ये 'माइक्रो-डेट्स' रिश्ते में नजदीकियां बनाए रखती हैं।

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    डिजिटल डिटॉक्स अपनाएं

    अक्सर जब बच्चों से समय मिलता है, तो हम फोन या सोशल मीडिया में उलझ जाते हैं। पार्टनर के साथ समय बिताने का सबसे बड़ा दुश्मन 'स्क्रीन' है। नियम बनाएं कि जब आप दोनों साथ हों, तो फोन दूर रहेंगे। बिना फोन के एक-दूसरे की बातें सुनना आपको मानसिक रूप से ज्यादा करीब लाता है।

    अपनों की मदद लेने में न हिचकिचाएं

    अगर आपके पास दादा-दादी, नाना-नानी या कोई भरोसेमंद रिश्तेदार हैं, तो उनसे मदद मांगें। महीने में कम से कम एक बार बच्चों को उनके पास छोड़कर आप 'डेट नाइट' पर जा सकते हैं। अपनों की मदद लेना आपको एक ब्रेक देता है, जिससे आप तरोताजा महसूस करते हैं और बेहतर तरीके से पेरेंटिंग की जिम्मेदारियां निभा पाते हैं।

    साथ मिलकर घर के काम करें

    क्वालिटी टाइम बिताने का एक स्मार्ट तरीका यह भी है कि बोरिंग कामों को 'कपल एक्टिविटी' बना दिया जाए। साथ मिलकर खाना बनाना, घर की सफाई करना या बच्चों का होमवर्क कराना भी कनेक्ट करने का मौका हो सकता है। जब आप टीम की तरह काम करते हैं, तो काम जल्दी खत्म होता है और आपको साथ रहने का बहाना भी मिल जाता है।