ताज जीता, बॉलीवुड के ऑफर ठुकराए और बन गईं डॉक्टर! दिलचस्प है भारत की पहली 'मिस वर्ल्ड' रीता फारिया की कहानी
रीता फारिया भारत की पहली मिस वर्ल्ड बनीं, जिन्होंने 17 नवंबर 1966 को यह खिताब जीता था। मिस वर्ल्ड बनने का उनका सफर काफी दिलचस्प था।

भारत ही नहीं, पूरे एशिया की पहली मिस वर्ल्ड बनी थीं रीता फारिया (Picture Courtesy: Instagram)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। 17 नवंबर 1966 की तारीख भारत के इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो चुकी है। इस दिन रीता फारिया ने मिस वर्ल्ड का खिताब अपने नाम करके, भारत के साथ-साथ पूरे एशिया का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया था। मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली रीता सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया की पहली महिला थीं।
ये बात जितनी गर्व करने वाली है, उतना ही हैरान करने वाला उनका यहां तक पहुंचने का सफर रहा। मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने के बाद भी उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने लोगों को चौंका दिया, लेकिन आप सोच रहे होंगे कि आज हम इस बारे में क्यों बात कर रहे हैं। आपको बता दें कि आज यानी 23 अगस्त को रीता का जन्मदिन है। आइए इसी मौके पर जानें उनके जीवन के इस खास सफर के बारे में।
साधारण परिवार से डॉक्टर बनने का सफर
साल 1943 में 23 अगस्त को मुंबई के माटुंगा में जन्मी रीता फारिया बिल्कुल साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। मूल रूप से वे गोवा के कैथोलिक परिवार से आती हैं। उनके पिता एक मिनरल वॉटर फैक्ट्री में काम करते थे और मां का एक छोटा-सा ब्यूटी सैलून था।
बचपन से ही रीता पढ़ाई-लिखाई के साथ खेल-कूद में भी आगे थीं। हालांकि, रीता को अस्थमा की सम्सया रहती थी। अपनी इस बीमारी के इलाज और उनकी देखभाल में वो डॉक्टरों से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने छोटी उम्र में ही ठान लिया कि वो बड़ी होकर डॉक्टर बनेंगी।
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(Picture Courtesy: Instagram)
मजाक से शुरू हुई मिस इंडिया की राह
साल 1966 में रीता की जिंदगी में एक नया मोड़ आया। उनकी बड़ी बहन फिलोमेना ने मजाक-मजाक में उन्हें इव्ज वीकली के मिस बॉम्बे प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कहा। रीता ने अपनी एक फोटो भेज दी और उनका सेलेक्शन हो गया।
एक मजाक से शुरू हुआ ये सफर मिस बॉम्बे से मिस इंडिया का ताज जीतने तक जा पहुंचा। उस समय आज की तरह न तो ग्रूमिंग क्लासेज हुआ करती थीं और न ही कोई प्रोफेशनल ट्रेनिंग। यहां तक कि रीता के पास पासपोर्ट भी नहीं था, लेकिन मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए मिस इंडिया जीतने के बाद बहुत जल्दबाजी में उनका पासपोर्ट बनवाया गया।
उधार के कपड़ों में लंदन का सफर
मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए रीता को लंदन जाना था। हालांकि, उस समय भारत के सख्त विदेशी मुद्रा नियमों के कारण रीता के पास सिर्फ 10 पाउंड थे। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने ज्यादातर कपड़े भी उधार लिए थे। प्रतियोगिता के लिए स्विमसूट भी उन्होंने किसी जान-पहचान के व्यक्ति से उधार लिया था। हालांकि, सही फिटिंग न होने के कारण उन्हें लंदन जाकर उन्हीं 10 पाउंड से स्विम सूट और हील्स खरीदनी पड़ी।
एक जवाब ने दिलाया विश्व सुंदरी का ताज
मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में जब जजों ने रीता से पूछा कि वो डॉक्टर क्यों बनना चाहती हैं, तो उन्होंने कहा कि भारत को स्त्री रोग विशेषज्ञों की ज्यादा जरूरत है। इस पर एक जज ने मजाक में कहा कि भारत में तो पहले ही बहुत बच्चे हैं, जिस पर रीता ने बिना किसी झिझक के कहा कि यही तो हमें कम करना चाहिए। उनके इस जबाब ने जजों का दिल जीत लिया और उन्हें मिस वर्ल्ड बना दिया।
ग्लैमर छोड़ बनीं डॉक्टर
मिस वर्ल्ड बनने के बाद रीता के पास बॉलीवुड के भी कई बड़े प्रस्ताव आए, लेकिन रीता को सिर्फ डॉक्टर बनना था। उन्होंने मिस वर्ल्ड के तौर पर एक साल की यात्राएं की और अपने सामाजिक काम पूरे किए। इसके बाद मुंबई के ग्रांट मेडिकल कॉलेज और फिर लंदन के किंग्स कॉलेज से अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरी की। साल 1971 में वो अमेरिका के बोस्टन गईं, जहां उन्होंने एपिडेमियोलॉजिस्ट की तरह काम किया।
