विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

शारदा सिन्हा के मशहूर गीत 'पनिया के जहाज से...' में क्या होता है 'पलटनिया' का मतलब? बेहद दिलचस्प है कहानी

Published: Fri, 04 Sep 2026 02:31 PM (IST)Updated: Tue, 08 Sep 2026 08:25 AM (IST)

भोजपुरी गीत 'पनिया के जहाज', जिसे शारदा सिन्हा ने अपनी आवाज से सुपरहिट बनाया था, पत्नी के इंतजार से जुड़ा एक गीत है

इस मशहूर भोजपुरी गाने में छिपा है एक पत्नी का इंतजार (AI Generated Image)

इस मशहूर भोजपुरी गाने में छिपा है एक पत्नी का इंतजार (AI Generated Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भोजपुरी लोकगीतों में शारदा सिन्हा के गाए गीत सबसे पहले आते हैं। बिहार के कई लोकगीतों को शारदा सिन्हा ने अपनी आवाज दी, जो आज बिहार की पहचान बन चुके हैं। इन्हीं गानों में 'पनिया के जहाज से...' भी शामिल है। 

ये गीत 1980 के दशक में शारदा सिन्हा के एक एल्बम में रिलीज हुआ था, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। इस गाने के बोल हैं, 'पनिया के जहाज से पलटनिया बनी अई ह पिया...', लेकिन क्या आप जानते हैं ये पलटनिया शब्द का क्या मतलब है? आपको बता दें कि ये गाना एक पत्नी अपने पति के लिए गा रही है, लेकिन फिर वो अपने पति से पलटनिया बनकर लौटने को क्यों कह रही है? आइए जानें इसका मतलब और इस गीत की कहानी। 

पलटनिया शब्द का मतलब

इस गाने की पहली लाइन में आने वाला शब्द पलटिया मुख्य रूप से अंग्रेजी के शब्द प्लेटून से बना है। आम बोलचाल की भाषा में इस शब्द का रूप बदला और बिहार व यूपी के क्षेत्रों में इसे पलटनिया कहा जाने लगा, जिसका मतलब फौजी या सिपाही होता है। पुराने समय में जब कोई व्यक्ति सेना में भर्ती होकर काम पर जाता था, तो गांव में उसे प्यार से पलटनिया कहा जाता था।  

पत्नी का पति से आवेदन

इस गाने में विरह, इंतजार और अपने पति के लिए प्रेम को बहुत खूबसूरत तरीके से बयां किया गया है। पुराने समय में पुरुष काम के लिए परदेस जाते थे या सेना में भर्ती होते थे, तो उन्हें अपना घर छोड़कर दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था। इस गाने में पत्नी अपने उसी पति से घर वापस लौटने की गुहार लगा रही है। 

इस गाने में पत्नी अपने पति से कह रही है कि पानी के जहाज से तुम पलटनिया यानी सिपाही बनकर लौटना, लेकिन ऐसे ही खाली हाथ मत आना, मेरे लिए साथ कुछ लेकर आना। पत्नी अपने पति से अलग-अलग राज्यों की मशहूर चीजों को लाने की फरियाद कर रही है, जैसे बंगाल का सिंदूर और राजस्थान का टीका। 

गाने का ऐतिहासिक कनेक्शन

ये गीत यूं ही नहीं बनाया गया था। इसमें बिहार का इतिहास छिपा है। पुराने समय में सड़के इतनी विकसित नहीं थी, तब बिहार पानी के रास्तों के जरिए लंबी यात्राएं होती थीं। बच्चा बाबू स्टीमर जो पैजरा से दीघा घाट के बीच चलते थे, उस दौर में बिहार में परिवहन में अहम भूमिका निभाते थे। ये गाना उसी दौर की याद दिलाता है।  

बिहार के लोक जीवन में प्रवास एक बहुत बड़ी चुनौती था, जिसमें पत्नियां पीछे छूट जाती थीं और पतियों को दूसरे राज्यों में रोजगार की तलाश में जाना पड़ता था। पत्नी की उसी तड़प और प्रेम को दिखाने के लिए ये गीत बना।