मच्छर सबको नहीं काटते! हजारों की भीड़ में आपको ही क्यों बनाते हैं निशाना, वैज्ञानिकों ने दिया है जवाब
रिसर्च के अनुसार, मच्छर सिर्फ गंध ही नहीं, बल्कि कपड़ों के रंग से भी आकर्षित होते हैं, यही वजह है कि वे कुछ खास लोगों को ही निशाना बनाते हैं।

काले रंग के कपड़ों पर मच्छर ज्यादा क्यों मंडराते हैं? (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मच्छरों का काटना किसी को पसंद नहीं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हजारों की भीड़ में भी मच्छर कुछ खास लोगों को ही क्यों निशाना बनाते हैं?
मशहूर साइंस जर्नल 'नेचर कम्युनिकेशंस' में पब्लिश एक रिसर्च इस गुत्थी को सुलझाती है। जी हां, इसमें शोधकर्ताओं ने साबित किया है कि मच्छर आप तक पहुंचने के लिए सिर्फ आपकी गंध पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि आपके कपड़ों का रंग भी इसमें बराबर का हिस्सेदार होता है।
आपकी सांसों से एक्टिवेट होते हैं मच्छर
यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया और जर्मनी की फ्रीबर्ग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने मिलकर यह शानदार अध्ययन किया है। रिसर्च टीम के लीडर प्रोफेसर जेफ्री रिफेल के मुताबिक, मादा 'एडीज इजिप्टी' मच्छर अपने शिकार को खोजने के लिए सूंघने और देखने की दोहरी रणनीति अपनाती है।
जब हम सांस छोड़ते हैं, तो कार्बन डाइऑक्साइड हवा में घुल जाती है। यह गैस मच्छरों के लिए एक एक्टिवेशन स्विच की तरह काम करती है। CO2 की गंध मिलते ही मच्छर चौकन्ने हो जाते हैं और उनकी आंखें शिकार को ढूंढने के लिए तेजी से काम करने लगती हैं।
मच्छरों का अपना 'कलर कोड'
स्टडी का सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि CO2 सूंघने के बाद मच्छर अंधे होकर नहीं उड़ते, बल्कि वे खास रंगों की तलाश करते हैं। प्रयोग में देखा गया कि मच्छर लाल, नारंगी और काले रंगों की तरफ चुंबक की तरह खिंचे चले आते हैं।
इसके विपरीत, अगर सामने हरा, सफेद, नीला या बैंगनी रंग हो, तो वे उसे पूरी तरह से इग्नोर कर देते हैं। यानी अगर आप गर्मियों में सफेद या हरे रंग के कपड़े पहनते हैं, तो आप मच्छरों की नजरों से काफी हद तक बच सकते हैं।
मच्छर लाल और नारंगी रंग के पीछे क्यों भागते हैं?
मच्छर लाल और नारंगी रंग के पीछे ही क्यों भागते हैं? वैज्ञानिकों ने इसका भी सटीक जवाब दिया है। इंसान की त्वचा का रंग चाहे कितना भी फेयर या डार्क क्यों न हो, मच्छरों की आंखों को हमारे शरीर से हमेशा लाल और नारंगी रंग की 'लॉन्ग-वेवलेंथ' ही दिखाई देती हैं। हमारी त्वचा ही मच्छरों के लिए एक बड़ा लाल सिग्नल है, जो उन्हें दावत के लिए बुलाता है।
मच्छरों को चकमा देने में वैज्ञानिकों की बड़ी कामयाबी
वैज्ञानिकों ने हवा की एक विशेष सुरंग बनाई और 3D कैमरों के जरिए मच्छरों की हरकतों को बारीकी से ट्रैक किया। उन्होंने कुछ गजब के प्रयोग किए:
- जब उन्होंने एक खास फिल्टर लगाकर इंसानी त्वचा से निकलने वाले लाल-नारंगी सिग्नल को छिपा दिया, तो मच्छरों ने इंसानों पर ध्यान देना बंद कर दिया।
- वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसे 'म्यूटेंट' मच्छर भी तैयार किए, जिनकी या तो CO2 सूंघने की क्षमता खत्म कर दी गई थी, या फिर वे लाल रंग नहीं देख सकते थे। हैरान करने वाली बात यह रही कि इन म्यूटेंट मच्छरों ने भी इंसानों को अपना शिकार बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
Source: Nature Communications
