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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mosquito Borne Diseases: मच्छर के काटने से होती हैं ये 4 जानलेवा बीमारियां

By Ruhee ParvezEdited By:
Published: Wed, 24 Jun 2020 03:00 PM (IST)Updated: Fri, 04 Sep 2020 11:44 AM (IST)

मलेरिया बुखार एक विशेष प्रकार के वाइरस के कारण होता हैं जिसका नाम है प्लॅस्मोडियम वीवेक्स। ये वायरस का वाहक ...और पढ़ें

डेंगू बुखार के लिए जिम्मेदार वायरस का नाम डेंगू ही है ।
डेंगू बुखार के लिए जिम्मेदार वायरस का नाम डेंगू ही है ।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Mosquito Borne Diseases: भारत का मौसम मच्छरों और उनके प्रजनन के लिए अनुकूल माना जाता है। तभी तो प्राचीन काल से ही मच्छरों से निजात पाने के लिए समय-समय पर अनेक राजाओं और सरकारों द्वारा विभिन्न नीतियां बनाई गईं। यहां तक कि विभिन्न चिकित्सा ग्रन्थों में भी मच्छरों और उनसे होने वाली बीमारियों से रोकथाम और उपचार के लिए कई संसाधन बताए गए हैं। बारिश का मौसम आते-आते इनकी संख्या में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है। इनसे फैलने वाली बीमारियां भी काफी बढ़ जाती हैं, इसलिए आज के लेख में मच्छरों से होने वाली बीमारियों के बारे में हम आपको बताएंगे। 

नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि मच्छरों के काटने पर विभिन्न प्रकार की बैक्टीरिया, परजीवी और वायरस हमारे रक्त में प्रवाहित हो जाते हैं। उसके बाद ये परजीवी और बैक्टीरिया हमारे शरीर में अपनी संख्या की वृद्धि करते हैं और धीरे-धीरे ये हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता पर घात लगाते हैं। उसी के बाद से इन सारे रोगों से हमारा शरीर जकड़ जाता है।

इन रोगों में वैसे तो कई रोग शामिल हैं, लेकिन मुख्य रूप से मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, ज़ीका बुखार, पीला बुखार, जापानी एन्सेफलाइटिस, वेस्ट  नाइल वायरस आदि रोग होते हैं। तो आइए जानते हैं इन रोगों के बारे में थोड़े विस्तार से :

1. मलेरिया: मलेरिया बुखार एक विशेष प्रकार के वाइरस के कारण होता हैं जिसका नाम है प्लॅस्मोडियम वीवेक्स। ये वायरस का वाहक मच्छर मादा जाती का एनफ़्हिलीज़ नामक प्रजाति का मच्छर हैं। इस संक्रमित मच्छर के काटने से वह परजीवी वायरस हमारे रक्त में प्रवाहित हो जाता हैं। मलेरिया नामक रोग को जन्म देता है कुछ चरम मामलों में यह लीवर को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। मलेरिया के लक्षण मुख्यत: बुखार आना, ठंड लगना, सिर दर्द, उल्टी, दस्त, पसीना आना आदि होते हैं।

2. डेंगू बुखार: मच्छरों से होने वाली बीमारियों में से ये सबसे घातक बीमारियों में आती है। डेंगू बुखार के लिए जिम्मेदार वायरस का नाम डेंगू ही है इसी कारण से इसका नाम भी डेंगू बुखार के नाम से जाना जाने लगा। डेंगू वायरस का वाहक मच्छर मादा जाती का एडीज़ नामक मच्छर है। इस बीमारी के मुख्य लक्षण तेज़ बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द और शरीर पर चकत्ते दिखना, आदि हैं। डेंगू के लिए अभी तक कोई भी टीका या वैक्सीन नहीं बनाई जा सकी है और यह बीमारी जानलेवा भी है।

3. चिकनगुनिया: चिकनगुनिया भी एडीज़ नामक मच्छर के काटने से ही होती हैं। चिकनगुनिया के सबसे आम लक्षणों में, जोड़ों का दर्द, सिरदर्द, उल्टी, पीठ दर्द और त्वचा पर चकत्ते हो जाना आदि हैं। चिकनगुनिया के लक्षण आमतौर पर 5 से 7 दिन में दिखाई देते हैं। यह बुखार रोग प्रतिरोधक क्षमता को काफी नुकसान पहुंचता है।

4. ज़ीका बुखार: ज़ीका बुखार के वायरस का नाम भी ज़ीका वायरस ही है। यह वायरस मच्छरों के द्वारा हमारे शरीर में फैलता है। ज़ीका बुखार में त्वचा पर चकत्ते दिखने लगते हैं, सिरदर्द, खुजली, मांसपेशियों और जोड़ों मे दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।