पुरानी पीढ़ी बोले कामचोर, Gen-Z कहे मेंटल हेल्थ भी जरूरी; आखिर क्यों है दोनों के Work Ethic में इतना फर्क?
Gen-Z पर अक्सर 'आलसी' या 'गैर-जिम्मेदार' होने का ठप्पा लगा दिया जाता है, लेकिन आंकड़े कुछ अलग ही कहानी बयां करते हैं।

Gen-Z ने बदल दिया वर्क-लाइफ बैलेंस का पूरा खेल (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने भी सुना है कि आजकल के युवा यानी 'Gen-Z' कामचोर या गैर-जिम्मेदार होते हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। दरसअल, युवा पीढ़ी के लिए नौकरी के मायने अब पूरी तरह से बदल चुके हैं।
मिलेनियल्स और बेबी बूमर्स की तरह ये अपनी पूरी जिंदगी सिर्फ एक ऑफिस के नाम नहीं करना चाहते। आइए समझते हैं कि आखिर जेन-जी का 'वर्क एथिक' पुरानी पीढ़ियों से इतना अलग क्यों है।
पुरानी पीढ़ी और जेन-जी के बीच 'वर्क एथिक' का टकराव
पहले के समय में नौकरी के प्रति वफादारी, लगातार लंबे घंटों तक काम करना और अपनी निजी जिंदगी की कुर्बानियां देना ही सफलता की निशानी माना जाता था, लेकिन जेन-जी इस फॉर्मूले को नहीं मानती। यही वजह है कि एक सर्वे में 46% लोगों ने माना कि काम के प्रति सबसे अच्छा नजरिया बूमर्स का होता है, जबकि जेन-जी को सिर्फ 9% लोगों ने इस काबिल समझा। यहां तक कि एक अन्य सर्वे में 74% मैनेजर्स ने यह भी कहा कि उनके लिए जेन-जी युवाओं के साथ काम करना काफी मुश्किल भरा है।

(Image Source: AI-Generated)
सिर्फ पैसा नहीं, सुकून भी है जरूरी
सच तो यह है कि यह पीढ़ी काम को अपनी जिंदगी का सिर्फ एक हिस्सा मानती है, अपनी पूरी जिंदगी नहीं। उनके लिए एक अच्छी सैलरी के साथ-साथ ये चीजें सबसे ऊपर हैं:
- मेंटल हेल्थ
- वर्क-लाइफ बैलेंस
- व्यक्तिगत सम्मान
- काम में एक मीनिंगफुल गोल
आज के समय में एआई का बढ़ता प्रभाव, डिजिटल निगरानी, नौकरियों की कमी, लगातार होती छंटनी और महंगी होती लाइफस्टाइल ने युवाओं को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि महज एक नौकरी के लिए अपना पूरा जीवन दांव पर नहीं लगाया जा सकता।
मेंटल हेल्थ से नहीं कर रहे समझौता
Gen-Z अब पुराने ढर्रे पर काम नहीं करना चाहती। अमेरिका में केपीएमजी द्वारा किए गए एक सर्वे के अनुसार, 47% जेन-जी युवाओं का कहना है कि वे 9 टू 5 वाले ट्रेडिशनल जॉब कल्चर को बदलना चाहते हैं।
इसी तरह, एक अन्य ग्लोबल स्टडी बताती है कि 46% जेन-जी कर्मचारी तनाव से बचने के लिए ऐसी कंपनियों में काम करना पसंद करते हैं, जो उनकी मेंटल हेल्थ और काम के लचीले माहौल को प्राथमिकता देती हों।
कामचोर नहीं, मल्टी-टास्कर हैं Gen-Z
अगर आपको लगता है कि लचीले माहौल की मांग करने वाले ये युवा काम नहीं करते, तो अमेरिकी लेबर ब्यूरो के आंकड़े आपकी गलतफहमी दूर कर देंगे। इन आंकड़ों के मुताबिक, 20 से 24 साल के फुल-टाइम कर्मचारी हफ्ते में औसतन 40.5 घंटे काम करते हैं, जो कि 25 साल या उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों से बहुत ज्यादा पीछे नहीं है।
कई स्टडीज यह भी बताती हैं कि बड़ी संख्या में जेन-जी युवा सिर्फ एक नौकरी तक सीमित नहीं हैं। वे अपनी जॉब के साथ-साथ अपने शौक पूरे कर रहे हैं, फ्रीलांसिंग कर रहे हैं, कंटेंट क्रिएशन में हाथ आजमा रहे हैं और एक्स्ट्रा इनकम के लिए दूसरे रास्ते भी तलाश रहे हैं।
Source: KPMG Intern Pulse Survey
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