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कंटेंट क्रिएटर हों या जॉब करने वाले... आजकल लोग अपनी जेब में दो-दो फोन लेकर क्यों घूम रहे हैं? 

Published: Wed, 10 Jun 2026 08:12 AM (IST)

अगर एक ही फोन से हमारी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ का हर काम इतनी आसानी से हो जाता है, तो ...और पढ़ें

साइकोलॉजिस्ट ने बताया क्यों आजकल एक मोबाइल से नहीं चल रहा लोगों का काम (Image Source: AI-Generated)

साइकोलॉजिस्ट ने बताया क्यों आजकल एक मोबाइल से नहीं चल रहा लोगों का काम (Image Source: AI-Generated) 

HighLights

  1. आजकल 'टू-फोन' का ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ रहा है

  2. बड़े-बड़े बिजनेस प्रोफेशनल्स ही नहीं, आम लोग भी इसे अपना रहे हैं

  3. काम और पर्सनल लाइफ में बेहतर बैलेंस के लिए लोग ऐसा कर रहे हैं

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन गया है। सुबह उठकर ऑफिस के ईमेल चेक करने से लेकर बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, सोशल मीडिया और परिवार के साथ गपशप करने तक... लगभग हर काम एक ही डिवाइस से आसानी से हो जाता है।

लेकिन क्या आपने गौर किया है कि आजकल लोग एक नहीं, बल्कि दो-दो स्मार्टफोन लेकर चल रहे हैं? जब एक फोन से सारी जरूरतें पूरी हो सकती हैं, तो फिर यह Two-Phone ट्रेंड इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहा है?

दिलचस्प बात यह है कि यह चलन अब सिर्फ बिजनेस प्रोफेशनल्स तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्टूडेंट, फ्रीलांसर, कंटेंट क्रिएटर और आम नौकरीपेशा लोग भी इसका हिस्सा बन रहे हैं। आइए, दिल्ली के PSRI अस्पताल की कंसल्टेंट साइकोलॉजिस्ट, अर्पिता कोहली से समझते हैं इसके पीछे के मुख्य कारण क्या हैं।

Two phone trend

(Image Source: AI-Generated) 

काम और पर्सनल लाइफ में बेहतर बैलेंस

आजकल हमारी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ के बीच का अंतर लगभग खत्म सा हो गया है। जब एक ही फोन पर बॉस की कॉल, ऑफिस के ईमेल और साथ ही परिवार के मैसेज आते हैं, तो सब कुछ बहुत उलझ जाता है। ऐसे में दो अलग-अलग फोन रखने से लोगों को अपने काम और अपने पर्सनल टाइम को अलग-अलग मैनेज करने में काफी मदद मिल रही है।

डिजिटल वर्क कल्चर और कंपनियों की पहल

इस ट्रेंड के पीछे एक बड़ा कारण हमारी नई 'डिजिटल वर्क कल्चर' है। वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड मॉडल के आने के बाद, कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को ऑफिस की तरफ से अलग फोन या सिम कार्ड दे रही हैं। इसके दो बड़े फायदे हैं:

  • पहला, इससे कंपनी का महत्वपूर्ण डेटा सुरक्षित रहता है।
  • दूसरा, कर्मचारियों को यह आजादी मिलती है कि काम के घंटे खत्म होने के बाद वे अपने ऑफिस वाले फोन को आराम से बंद या साइलेंट कर सकें।

साइबर सिक्योरिटी और प्राइवेसी

आज के दौर में प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा एक बहुत बड़ी चिंता है। इसे देखते हुए कई लोग अपनी सुरक्षा के लिए दो फोन रखना स्मार्ट चॉइस मानते हैं। वे एक फोन में अपने बैंकिंग ऐप्स, जरूरी डॉक्युमेंट्स और पर्सनल डेटा सुरक्षित रखते हैं, जबकि दूसरे फोन का इस्तेमाल सिर्फ सोशल मीडिया चलाने या इंटरनेट ब्राउजिंग के लिए करते हैं। इससे हैकिंग, साइबर अटैक और डेटा चोरी का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।

कंटेंट क्रिएटर्स की जरूरत

सोशल मीडिया और कंटेंट क्रिएशन के बढ़ते क्रेज ने भी दो फोन रखने की जरूरत को बढ़ा दिया है। जो इन्फ्लुएंसर्स वीडियो बनाते हैं या लाइव स्ट्रीमिंग करते हैं, उनके लिए दो फोन बहुत काम आते हैं। वे एक फोन का इस्तेमाल सिर्फ वीडियो शूटिंग और काम के लिए करते हैं, जबकि दूसरे को पर्सनल कॉल्स के लिए रखते हैं। इससे काम के बीच में कोई रुकावट नहीं आती और उनकी प्रोडक्टिविटी बढ़ती है

Why people using two phones

(Image Source: AI-Generated)

क्या आपको भी है दो फोन की जरूरत?

यह जानना जरूरी है कि हर किसी को दो फोन रखने की जरूरत नहीं है।

  • एक फोन किसके लिए: अगर आपका काम ऐसा है जिसमें आपको 24 घंटे ऑनलाइन नहीं रहना पड़ता और आप एक संतुलित डिजिटल जीवन जी रहे हैं, तो आपके लिए एक ही स्मार्टफोन काफी है।
  • दो फोन किसके लिए: जिन लोगों का पेशा या ऑनलाइन बिजनेस ऐसा है जहां उन्हें लगातार एक्टिव रहना पड़ता है, उनके लिए दो फोन काम और निजी जिंदगी के बीच एक स्पष्ट लकीर खींचने का बेहतरीन तरीका है।

मेंटल पीस और डिजिटल वेलबीइंग

यह टू-फोन ट्रेंड सिर्फ कोई तकनीकी शौक या सुविधा का मामला नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर हमारी डिजिटल वेलबीइंग से जुड़ा है। एक्सपर्ट के अनुसार, जब लोग अपने निजी समय में ऑफिस की कॉल्स और नोटिफिकेशन्स से खुद को दूर रख पाते हैं, तो उनका तनाव कम होता है और उनके जीवन की गुणवत्ता काफी बेहतर हो सकती है।

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