मछुआरों के 'कोली' से महिलाओं की 'ओवी' तक, महाराष्ट्र के इन लोकगीतों में बसती है राज्य की असली आत्मा
महाराष्ट्र का लोक संगीत अपनी खास धुनों और गीतों के लिए जाना जाता है।

महाराष्ट्र का लोक संगीत (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र का लोक संगीत अपनी मजेदार धुनों के लिए जाना जाता ह। यहां हर मौके और अनुभव के लिए अलग-अलग तरह के लोकगीत गाए जाते हैं। इनमें इस राज्य की संस्कृति और इतिहास की झलक देखने को मिलती है।
इनमें सिर्फ मनोरंजन के लिए ही नहीं, बल्कि भक्ति और वीरता की भावना जाहिर करने के लिए भी गीत हैं। आइए जानें महाराष्ट्र का लोक संगीत कैसा है और इसकी खासियत क्या है।
लावणी
महाराष्ट्र का सबसे मशहूर और एनर्जी से भरपूर लोकगीत और नृत्य लावणी है। इन गीतों को लावणी करते समय गाया जाता है। इनमें सौंदर्य और प्रेम का मेल देखने को मिलता है। इसकी धुन काफी तेज होती है, जिसपर लावणी नृत्य किया जाता है।
पोवाडा
पोवाडा में वीर गाथाएं सुनाई जाती हैं। इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज और दूसरे वीर मराठा योद्धाओं के पराक्रम, साहस और जीत का गुणगान किया जाता है। शुरुआत में कवि गांव-गांव जाकर पोवाडा सुनाया करते और अपनी दमदार आवाज से लोगों में जोश भर देते। आज इन्हें स्टेज पर भी परफॉर्म किया जाता है।
अभंग
महाराष्ट्र की भक्ति परंपरा लोक संगीत का अहम हिस्सा है। संत तुकाराम और संत एकनाथ जैसे संतों के रचे अभंग आज भी मराठी घरों में गाए जाते हैं। इन गीतों में ईश्वर के लिए भक्ति और समपर्ण को दिखाया जाता है। इन गीतों में विठोबा की भक्ति का खास वर्णन मिलता है।
भारुड
भारुड में व्यंग्य और मजाक के जरिए समाज की बुराइयों पर कटाक्ष किया जाता है। इसमें संगीत के साथ-साथ नाटक का भी मेल है। ये गीत रोजमर्रा के जीवन, रिश्ते और लोक कथाओं पर आधारित होते हैं।
गोंधल
महाराष्ट्र का धार्मिक लोक संगीत है। इसे विठोबा और भवानी की पूजा और मांगलिक अवसरों या त्योहारों पर गाया जाता है। आमतौर पर इसे रात के समय गाया जाता है और ये कार्यक्रम पूरी रात चलता है। भगवान को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए गोंधल गाए जाते हैं।
कोली गीत
इन्हें कोकण क्षेत्र के मछुआरा समुदाय का गीत माना जाता है। ये गीत समुद्र की लहरों, मछली पकड़ने की मेहनत और उत्सवों पर आधारित होते हैं। इनकी चुलबुली धुन इन्हें मजेदार बनाते हैं, जिनपर लोग नृत्य करते हैं।
ओवी
इन्हें आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं गाती हैं और ये रोजमर्रा के काम करते समय गाए जाने वाले गीत हैं। इन गीतों को पारिवारिक अनुभव, रिश्ते और रोज की जिंदगी का जिक्र किया जाता है। इनमें रोजमर्रा की खुशियों और गम को भी बयां किया जाता है।
