रोते-चिल्लाते नहीं, अब खुशी-खुशी सोएंगे बच्चे! ऐसे बनाएं एक मजेदार 'बेडटाइम रूटीन'
बच्चों का 'बेडटाइम' दिन भर का सबसे प्यारा समय होना चाहिए, जिससे वे रोने-चिल्लाने के बजाय, खुशी-खुशी आपको 'गुड नाईट' कहें।

बच्चों के लिए बोरिंग बेडटाइम को कैसे बनाएं एक्साइटिंग? (Image Source: AI-Generated)
HighLights
बच्चों के लिए सोने का निश्चित समय निर्धारित करें
सोने से पहले स्क्रीन टाइम पूरी तरह बंद करें
गुनगुने पानी से नहलाएं, मालिश करें और कहानी सुनाएं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर माता-पिता की सबसे बड़ी शिकायत यही होती है कि उनके बच्चे रात को जल्दी और शांति से नहीं सोते। सोने के नाम पर बच्चों का रोना, नखरे करना और घर में भाग-दौड़ मचना हर दूसरे घर की कहानी है। दिन भर की थकान के बाद, बच्चों को सुलाना किसी जंग जीतने से कम नहीं लगता।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर सोने के समय को उबाऊ या सजा बनाने के बजाय थोड़ा मजेदार बना दिया जाए, तो बच्चे खुद-ब-खुद बिस्तर पर जाने की जिद करेंगे? जी हां, बच्चों को सुलाने के लिए बस एक सही और मजेदार 'बेडटाइम रूटीन' की जरूरत होती है। आइए जानते हैं इसे कैसे बनाएं।

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सोने का एक फिक्स समय बनाएं
बच्चों के शरीर की अपनी एक घड़ी होती है। अगर आप उन्हें रोज एक ही समय पर सुलाने की आदत डालेंगे, तो उस समय तक आते-आते उन्हें खुद नींद आने लगेगी। कोशिश करें कि छुट्टी वाले दिन भी इस रूटीन में ज्यादा बदलाव न हो।
स्क्रीन को कहें 'गुडबाय'
सोने से कम से कम एक या दो घंटे पहले टीवी, मोबाइल, या टैबलेट को पूरी तरह बंद कर दें। स्क्रीन्स से निकलने वाली ब्लू लाइट नींद के हार्मोन को रोकती है, जिससे बच्चे एक्टिव बने रहते हैं और उन्हें नींद नहीं आती।
वॉर्म बाथ और मालिश
दिन भर की उछल-कूद की थकान मिटाने के लिए सोने से पहले बच्चों को गुनगुने पानी से नहलाना एक बेहतरीन उपाय है। छोटे बच्चों के पैरों और सिर की हल्के हाथों से मालिश करें। इससे उनके शरीर और दिमाग को आराम मिलता है और वे गहरी नींद के लिए तैयार हो जाते हैं।
कहानी सुनाने का समय
यह सबसे पुराना और असरदार तरीका है। बच्चों को परियों की, जानवरों की या कोई भी मजेदार कहानी सुनाएं। आप चाहें तो कहानी में बच्चे को ही हीरो बना सकते हैं। यह न सिर्फ उनकी कल्पना शक्ति बढ़ाता है, बल्कि माता-पिता के साथ उनके रिश्ते को भी मजबूत करता है।
कमरे का शांत और खुशनुमा माहौल
सोने वाले कमरे की तेज लाइटें बंद कर दें और हल्की रोशनी का इस्तेमाल करें। अगर बच्चे को अंधेरे से डर लगता है, तो एक सुंदर सी नाइट लैंप जलाएं। आप चाहें तो कोई बहुत ही धीमी और शांत धुन भी चला सकते हैं। यह माहौल बच्चे के दिमाग को संकेत देता है कि अब सोने का वक्त हो गया है।
