बुखार उतर गया, लेकिन खांसी क्यों नहीं जा रही? जानिए वायरल के बाद कब होना चाहिए सतर्क
वायरल बुखार के बाद बनी रहने वाली खांसी हमेशा गम्भीर समस्या का संकेत नहीं।

वायरल ठीक होने के बाद खांसी न जाना इतना चिंताजनक नहीं (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब भी वायरल इन्फेक्शन ठीक होता है तो उसमें बुखार, बदन दर्द और थकान तो उसी समय दूर हो जाती है लेकिन खांसी सबसे आखिर में जाती है। डॉक्टर बताते हैं कि अगर वायरल इन्फेक्शन ठीक होने के बाद खांसी बनी रहे तो इसका मतलब यह नहीं कि इन्फेक्शन अभी भी है। दरअसल, वायरस जा चुका है बस कुछ समय के लिए सांस की नली संवेदनशील और जलन से प्रभावित हो जाती है।
हफ्तों तक बनी रह सकती है खांसी
वायरल के बाद खांसी हफ्तों तक बनी रह सकती है, खासकर कि फ्लू या फेफड़ों के इन्फेक्शन की स्थिति में खांसी ज्यादा जल्दी नहीं जाती। ठंडी हवा, धूल-मिट्टी, लंबे समय तक बातचीत करना और तेज महक जैसी चीजें भी खांसी को ट्रिगर कर सकती हैं। इसके लिए मेरी सलाह है कि ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ पीएं, पर्याप्त आराम करें, धूम्रपान से बचें और ह्यूमीडिफाइड हवा में सांस लें। इससे जल्दी रिकवरी में मदद मिलेगी।
खांसी का पैटर्न समझें
इन सभी बातों से हटके यह जरूरी है कि खांसी के पैटर्न को समझा जाए। अगर खांसी जो धीरे-धीरे ठीक हो रही है, चिंता का विषय बिल्कुल नहीं है लेकिन समय के साथ बढ़ने वाले कफ को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसके कुछ लक्षण हैं जिन्हें अनदेखा न करें:
कई हफ्तों से ज्यादा बनी रहने वाली खांसी
खांसी के चलते नींद में दखल
सांस लेने में परेशानी
सीने में दर्द
सांस में सीटी की आवाज आना
कफ के साथ खून आना
वजन कम होते जाना
बार-बार बुखार आना
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?
अस्थमा, पुरानी फेफड़ों से जुड़ी बीमारी, कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को वायरल इन्फेक्शन में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। इसकी वजह यह है कि इन्फेक्शन पुरानी बीमारियों को ट्रिगर कर सकता है जिनके लक्षण पहले या तो दिखे नहीं या फिर उनका इलाज सही समय पर नहीं किया गया।
खांसी ठीक न होने पर न लें एंटी-बायोटिक्स
एक आम गलती लोग यह करते हैं कि जब इन्फेक्शन ठीक होने के बाद खांसी नहीं जाती तो इसे ठीक करने के लिए एंटी-बायोटिक्स लेने लगते हैं। जान लेने वाली बात यह है कि वायरल इन्फेक्शन के बाद ज्यादातर खांसी बैक्टीरियल इन्फेक्शन की वजह से नहीं होती, ऐसे में जब तक डॉक्टर न बोलें तब तक इसे ठीक करने के लिए एंटी-बायोटिक्स लेने की जरूरत नहीं।
हमेशा याद रखें कि रिकवरी का मतलब यह नहीं कि अब बुखार जा चुका है, फेफड़ों की रिकवरी होने में समय लगता है। मेरा संदेश यही है कि खांसी न जाने पर घबराएं नहीं, खुद को थोड़ा समय दें और आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करना न भूलें।
