मानसून में जरा-सी फिसलन दे सकती है जिंदगी भर का दर्द, वर्कआउट करने वाले जरूर रखें इन बातों का ध्यान
बारिश के मौसम में आउटडोर वर्कआउट और स्पोर्ट्स के दौरान चोट से बचने के लिए सावधानी जरूरी है। गीली और ...और पढ़ें

बारिश के मौसम में बढ़ जाता है चोट लगने का खतरा (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बारिश का मौसम सुकून देने वाला होता है, लेकिन इस मौसम में रनिंग, साइकलिंग और आउटडोर स्पोर्ट्स में परेशानी हो सकती है। गीली सड़कें, फिसलन भरे रास्ते, कीचड़ और गड्ढों की वजह से गिरने और चोट लगने का जोखिम रहता है।
इसलिए जरा-सी फिसलन के कारण भी बैलेंस बिगड़ सकता है, जो मोच, लिगामेंट इंजरी या फ्रैक्चर जैसी समस्याओं की वजह बन सकता है। इसलिए इस मौसम में स्पोर्ट्स या वर्कआउट के दौरान बहुत सावधान रहने की जरूरत होती है, ताकि चोट न लगे। मानसून में चोट लगने का खतरा कम करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
वर्कआउट से पहले जमीन चेक करें
बारिश के बाद फिसलने से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप वर्कआउट शुरू करने से पहले उस जगह को चेक कर लें। अगर मैदान में पानी भरा है, कीचड़ है या रास्ता फिसलन भरा है, तो वहां कोई भी स्पोर्ट खेलने या वर्कआउट करने से बचना चाहिए। ऐसी जगह पर गिरने का खतरा रहता है और साथ ही, मांसपेशियों और जॉइन्ट्स पर दबाव पड़ता है।
सही जूतों चुनना है बेहद जरूरी
बारिश के मौसम में ग्रिप बनाए रखने के लिए सही जूते चुनना बहुत जरूरी है। सही ग्रिप, कुशनिंग और सपोर्ट वाले जूते गिरने से बचाते हैं। अगर आपके जूतों को सोल्स घिस चुके हैं, तो बारिश के मौसम में उन्हें पहनकर बाहर न निकलें। इसके अलावा, अगर आपके जूते भीगे हुए हैं, तो उन्हें पूरा सुखाएं, तभी दोबारा पहनें। गीले और खराब फिटिंग वाले जूतों से पैरों में छाले पड़ सकते हैं और बैलेंस भी बिगड़ सकता है।
वॉर्म-अप मिस न करें
अक्सर लोग उमस के कारण बिना वॉर्म-अप किए ही वर्कआउट शुरू कर देते हैं, लेकिन ये गलती भारी पड़ सकती है। एक्सरसाइज से पहले हल्की एक्टिविटी आपकी मांसपेशियों को वर्कआउट के लिए तैयार करती है। खासकर, अगर आप बहुत लंबे समय के बाद एक्सरसाइज शुरू कर रहे हैं। अचानक वर्कआउट शुरू करने से शरीर का बैलेंस बिगड़ सकता है और चोट लगने या मांसपेशियों में खिंचाव आने का खतरा भी बढ़ जाता है।
दर्द को नजरअंदाज बिल्कुल न करें
बारिश में अलर फिसलने या गिरने के बाद आपके शरीर में कहीं दर्द हो रहा है, तो उसे नजरअंदाज बिल्कुल भी न करें। हल्का-फुल्का दर्द आराम से ठीक हो सकता है, लेकिन अगर सूजन ज्यादा हो या चलने-फिरने में परेशानी आ रही हो या नीले निशान पड़ रहे हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। शुरुआती जांच में लिगामेंट टियर या फ्रैक्चर जैसी समस्याओं को पहचानकर उनका इलाज किया जा सकता है।
मौसम के अनुसार बदलें अपना तरीका
मानसून का मतलब ये नहीं है कि आप वर्कआउट करना बंद कर दें। शरीर का स्टैमिना, फिटनेस और मूवमेंट बनाए रखने के लिए फिजिकली एक्टिव रहना जरूरी है। बस थोड़ी-सी सावधानी के साथ आप खुद को मानसून में भी फिट बनाए रख सकते हैं।
(डॉ. तनवीर मकबूल, सीनियर कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स, जॉइन्ट रिप्लेसमेंट एंड स्पोर्ट्स इंजरी स्पेशलिस्ट, पार्क हॉस्पिटल, सेक्टर 10 फरीदाबाद)
