महीनों जिम जाकर भी नहीं बन रही बॉडी? 5 तरीकों से चेक करें असर कर रहा है वर्कआउट या नहीं
वर्कआउट के रिजल्ट दिखने में कितना वक्त लग सकता है, यह आपके फिटनेस गोल और उसके लेवल पर निर्भर करता है। ...और पढ़ें
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जानें आपका वर्कआउट काम कर रहा है या नहीं (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
वर्कआउट का असर पहले दिन से शुरू होता है
नियमितता, खानपान, जेनेटिक्स परिणाम को प्रभावित करते हैं
दिमाग, नींद, ताकत, मूड पर दिखते हैं प्रभाव
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ज्यादातर लोग इस निराशा में वर्कआउट छोड़ देते हैं कि उन्हें तुरंत बदलाव नजर नहीं आते। जबकि ऐसा नहीं है, वर्कआउट का असर पहले दिन से होने लगता है, लेकिन मसल्स, वेट लॉस पर असर नजर आने में 3-4 महीने का समय लग सकता है। आइए जानते हैं वर्कआउट का बेहतर रिजल्ट किन बातों पर निर्भर करता है और कैसे जान सकते हैं कि वर्कआउट काम कर रहा है या नहीं।
इन बातों पर निर्भर करता है आपका वर्कआउट रिजल्ट
- नियमित रहना: यह बेहद जरूरी है कि आप अपने वर्कआउट में रेगुलर रहें। हफ्ते में 150 मिनट का कार्डियो और 2 दिन की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग आपके फिटनेस लेवल को बनाए रखने के लिए जरूरी है।
- खानपान: वजन कम करने के लिए जरूरी है कि आप जितनी कैलोरी बर्न कर रहे हैं उससे कम कैलोरी लें।
- फिटनेस का स्तर: साल 2017 की स्टडी बताती है कि हफ्ते में 7-8 घंटे की तगड़ी एक्सरसाइज करने के चार महीने बाद लोगों का वजन 7% तक कम हुआ।
- जेनेटिक्स: यह मसल्स की बनावट और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है वर्कआउट का असर सब पर अलग-अलग दिखता है।
- लाइफस्टाइल: सिर्फ एक्सरसाइज ही काफी नहीं। अगर आप ज्यादा तनाव में रहते हैं और नींद भी पूरी नहीं करते तो वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।
इस तरह दिखता है असर
फिजिकल एक्टविटी सिर्फ वजन कम होने और मसल्स के टोन होने तक ही सीमित नहीं है। इसका प्रभाव पूरी सेहत पर इस तरह नजर आता है:
- दिमाग दौड़ने लगता है: वर्कआउट का असर ब्रेन हेल्थ पर भी पड़ता है और यह न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को भी कम करने में मदद करता है। आप अपने इमोशंस को पहले से ज्यादा बेहतर तरीके से कंट्रोल कर पाते हैं, आपकी मेमोरी में भी शार्प होने लगती है।
- रिलेक्स महसूस करते हैं: एक्सरसाइज से आपको नींद अच्छी आने लगती है और आप बिस्तर पर जाते ही गहरी नींद में चले जाते हैं।
- ताकत फील होती है: एरोबिक्स एक्सरसाइज से आपके हार्ट और लंग्स मजबूत होते हैं। जिन लोगों की कार्डियोवेस्कुलर हेल्थ अच्छी होती है एक्सरसाइज के दौरान उनका दम कम फूलता है और हार्ट रेट तुरंत ही नॉर्मल स्थिति में लौट आता है।
- कपड़े की फिटिंग में बदलाव: भले ही स्केल पर आपके वजन में थोड़ा ही फर्क आया हो लेकिन आपके कपड़ों की फिटिंग में असर दिखने लगता है। ऐसा फैट कम होने और मसल गेन करने से होता है।
- मूड अच्छा रहता है: एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं भी एक्सरसाइज की वजह से कम होने लगती हैं। आप पॉजिटिव महसूस करते हैं और चिड़चिड़ाहट कम होती है।