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एक बर्तन में पकता है पूरा स्वाद! आखिर क्यों कर्नाटक का 'बिसी बेले भात' कहलाता है परफेक्ट वन-पॉट मील?

Published: Tue, 25 Aug 2026 03:11 PM (IST)

कर्नाटक का 'बिसी बेले भात' एक स्वादिष्ट और पौष्टिक वन-पॉट मील है, जो दाल, चावल और सब्जियों के साथ खास मसालों से बनता है।

साउथ इंडियन फूड लवर्स के लिए बेहतरीन ट्रीट! (Image Source: AI-Generated)

साउथ इंडियन फूड लवर्स के लिए बेहतरीन ट्रीट! (Image Source: AI-Generated) 

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब भी हम साउथ इंडियन डिशेज की बात करते हैं, तो दिमाग में तुरंत डोसा, इडली और सांभर की तस्वीर उभर आती है, लेकिन ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम कि कर्नाटक की रसोई में एक ऐसी शानदार डिश भी पकती है, जो अपनी खुशबू और बेमिसाल जायके के लिए जानी जाती है।

जी हां, हम यहां बात कर रहे हैं 'बिसी बेले भात' की। देखने में यह भले ही एक आम डिश लगे, लेकिन इसका जायका इसे एक बिल्कुल अलग लेवल पर ले जाता है।

Bisi Bele Bhath

(Image Source: AI-Generated) 

कैसे पड़ा इसका नाम?

इस व्यंजन का नाम कन्नड़ भाषा की जड़ों से जुड़ा है। इसमें 'बिसी' का अर्थ है गरमा-गरम, 'बेले' का मतलब है दाल, और 'भात' चावल को कहते हैं।

  • इसका सीधा-सा मतलब गरम दाल-चावल है, लेकिन असल में यह उससे कहीं ज्यादा है।
  • इसमें मुख्य रूप से तूर दाल और चावल के साथ ताजी सब्जियों का बेहतरीन तालमेल होता है।
  • डिश में मिलाई जाने वाली इमली इसे एक हल्की और बेहद स्वादिष्ट खटास देती है।

पौष्टिकता से भरपूर 'वन-पॉट मील'

बिसी बेले भात की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे एक ही बर्तन में आसानी से पकाया जा सकता है। यह सिर्फ पेट भरने वाला भोजन नहीं है, बल्कि पोषण का भी एक बेहतरीन जरिया है।

  • कार्बोहाइड्रेट: चावल से शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है।
  • प्रोटीन: तूर दाल आपके शरीर को जरूरी पोषण देती है।
  • पोषक तत्व: इसमें पड़ने वाली ढेर सारी सब्जियां इसे एक मुकम्मल और सेहतमंद मील बनाती हैं।

मसालों का वो सीक्रेट जो बनाता है इसे खास

इस डिश की असली जान इसके मसाले में है, जिसका मसालेदार टेक्सचर सबको लुभाता है। घर में मौजूद साधारण चीजों से ही यह इतना शानदार बन जाता है। इसे तैयार करने के लिए धनिया, सूखी लाल मिर्च और सूखे नारियल का इस्तेमाल होता है। साथ ही जीरा, मेथी, लौंग और दालचीनी की महक डिश को और भी खास बना देती है।

दिलचस्प बात यह है कि कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों और घरों में इसे बनाने का तरीका थोड़ा बदल जाता है, जिससे इसके स्वाद में भी हल्का बदलाव महसूस होता है।

बूंदी और पापड़ के साथ लगता है बेमिसाल

आजकल यह जायका सिर्फ कर्नाटक के घरों तक ही सीमित नहीं है। अब देश भर के साउथ इंडियन रेस्टोरेंट्स और पैकेट-बंद फूड मार्केट में भी इसकी अच्छी खासी पैठ बन चुकी है। बता दें, इसे हमेशा गरमागरम ही परोसा जाता है। स्वाद दोगुना करने के लिए इसे बूंदी, पापड़, कुरकुरे चिप्स या रायते के साथ परोसा जाता है। इसके अलावा, ऊपर से तैरता हुआ देसी घी इसके स्वाद में चार चांद लगा देता है।

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