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श्रीकृष्ण की छठी पर मनाएं उत्सव: लड्डू गोपाल के लिए घर पर इस आसान विधि से बनाएं कढ़ी-चावल का प्रसाद

Published: Tue, 08 Sep 2026 03:54 PM (IST)

आइए इस आर्टिकल में जन्माष्टमी के छह दिन बाद मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण की छठी पर कढ़ी-चावल का सात्विक प्रसाद बनाने की आसान विधि जान लीजिए।

Laddu Gopal Chhathi Bhog: बिना लहसुन-प्याज के बनाएं टेस्टी कढ़ी-चावल (Image Source: AI-Generated)

Laddu Gopal Chhathi Bhog: बिना लहसुन-प्याज के बनाएं टेस्टी कढ़ी-चावल (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जन्माष्टमी के ठीक छह दिन बाद भगवान श्रीकृष्ण की छठी का पावन पर्व मनाया जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, जिस तरह हम अपने घरों में नवजात बच्चे के जन्म के छठे दिन उसकी 'छठी' मनाते हैं, बिल्कुल उसी तरह बाल गोपाल का यह उत्सव भी बड़ी ही धूमधाम और लाड़-प्यार से मनाया जाता है।

इस खास दिन कान्हा जी को पीला रंग बहुत प्रिय होता है। इसलिए उन्हें पीले वस्त्र पहनाए जाते हैं और विशेष रूप से कढ़ी-चावल का भोग लगाया जाता है। भगवान को अर्पित किए जाने वाले प्रसाद में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता। आइए जानते हैं कि आप घर पर बहुत ही आसान तरीके से लड्डू गोपाल के लिए यह सात्विक कढ़ी-चावल कैसे तैयार कर सकते हैं।

प्रसाद के लिए जरूरी सामग्री

  • पकौड़े के लिए: 1 कप बेसन, स्वादानुसार सेंधा नमक, चुटकी भर हल्दी और तलने के लिए शुद्ध देसी घी या सरसों का तेल।
  • कढ़ी के घोल के लिए: 1 कप खट्टा दही या मट्ठा, आधा कप बेसन, 1 चम्मच हल्दी पाउडर, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और पानी।
  • तड़के के लिए: 2 चम्मच देसी घी, आधा चम्मच जीरा, चौथाई चम्मच मेथी दाना, चुटकी भर हींग, 2 सूखी लाल मिर्च और कुछ कढ़ी पत्ते।
  • चावल के लिए: 1 कप बासमती चावल, पानी और 1 चम्मच देसी घी।

कढ़ी-चावल बनाने की आसान विधि

  • सबसे पहले एक बर्तन में बेसन, थोड़ा-सा नमक, हल्दी और पानी डालकर एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें। इसे 5-7 मिनट तक अच्छी तरह फेंटें ताकि पकोड़े एकदम रुई जैसे नर्म बनें। अब एक कड़ाही में घी या तेल गरम करें और छोटे-छोटे पकोड़े सुनहरा होने तक तल लें। इन्हें निकालकर अलग रख दें।
  • एक बड़े बर्तन में दही और बेसन को अच्छी तरह मिला लें ताकि कोई लम्प्स न रहे। अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च और करीब 4 से 5 कप पानी डालकर एक पतला घोल बना लें।
  • एक बड़ी कड़ाही या पतीले में तैयार किया हुआ कढ़ी का घोल डालें और गैस को मध्यम आंच पर चालू कर दें। इसे लगातार चलाते रहें जब तक कि पहला उबाल न आ जाए। उबाल आने के बाद इसमें सेंधा नमक डालें और आंच धीमी कर दें। कढ़ी को धीमी आंच पर 20-25 मिनट तक पकने दें। जब कढ़ी थोड़ी गाढ़ी हो जाए, तो इसमें तैयार किए हुए पकोड़े डाल दें और 5 मिनट और पकाएं।
  • कढ़ी का असली स्वाद उसके तड़के में छिपा है। एक छोटे पैन में 2 चम्मच देसी घी गरम करें। इसमें जीरा, मेथी दाना, हींग, सूखी लाल मिर्च और कढ़ी पत्ता डालें। जब मसाले चटकने लगें, तो इस तड़के को तुरंत कढ़ी के ऊपर डाल दें और बर्तन को ढक दें ताकि खुशबू अंदर ही रहे।
  • चावल को 15 मिनट के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद एक बर्तन में दोगुना पानी और एक चम्मच देसी घी डालकर चावलों को पकने दें। घी डालने से चावल बिल्कुल खिले-खिले और खुशबूदार बनेंगे।

कान्हा जी को ऐसे लगाएं भोग

जब आपका कढ़ी-चावल का प्रसाद बनकर तैयार हो जाए, तो इसे एक साफ पीतल या चांदी के बर्तन में निकालें। लड्डू गोपाल के भोग में तुलसी का पत्ता रखना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि इसके बिना कान्हा जी भोग स्वीकार नहीं करते।

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