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सुबह कचौड़ी, तो शाम को टिक्की चाट; चूड़ियों के अलावा अपने देसी जायकों के लिए भी फेमस है यूपी की 'सुहाग नगरी'

Published: Tue, 01 Sep 2026 12:16 PM (IST)

फिरोजाबाद, जिसे 'सुहाग नगरी' के नाम से जाना जाता है, अपनी रंग-बिरंगी चूड़ियों के साथ-साथ स्वादिष्ट कचौड़ी और टिक्की चाट के लिए भी प्रसिद्ध है।

फिरोजाबाद के स्ट्रीट फूड में आखिर ऐसी क्या है बात? (Image Source: AI-Generated)

फिरोजाबाद के स्ट्रीट फूड में आखिर ऐसी क्या है बात? (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब भी फिरोजाबाद का नाम आता है, तो सबसे पहले दिमाग में रंग-बिरंगी कांच की चूड़ियां आती हैं। देश भर में इसे 'सुहाग नगरी' के नाम से जाना जाता है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि यह शहर सिर्फ चूड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेहतरीन स्वाद के लिए भी बहुत मशहूर है?

जी हां, अगर आप फिरोजाबाद गए और वहां की गरमागरम कचौड़ी और टिक्की चाट नहीं खाई, तो समझ लीजिए कि आपकी ट्रिप अधूरी रह गई।

suhag nagri food

(Image Source: AI-Generated)

कचौड़ी की सोंधी महक से जागता है फिरोजाबाद

फिरोजाबाद की सुबह की शुरुआत ही कचौड़ी की सोंधी महक से होती है। यहां की कचौड़ी आम कचौड़ियों से बिल्कुल अलग, बेहद खस्ता और करारी होती है। इसे खास तौर पर मसालेदार और चटपटी आलू की सब्जी के साथ परोसा जाता है। स्वाद को और बढ़ाने के लिए कुछ दुकानदार सब्जी के ऊपर तीखी हरी चटनी और बूंदी का रायता भी डालते हैं। सुबह-सुबह यहां की पुरानी दुकानों पर लगने वाली लोगों की भीड़ इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि यह नाश्ता वहां के लोगों की जान है।

कुछ ऐसा है फिरोजाबाद का शाम वाला स्वाद

सुबह अगर कचौड़ी के नाम होती है, तो शाम का समय टिक्की चाट के चटखारे के लिए तय है। जी हां, सूरज ढलते ही फिरोजाबाद के बाजार टिक्की की खुशबू से महक उठते हैं। यहां की टिक्की की सबसे बड़ी खासियत उसका कमाल का कुरकुरापन है। बड़े से तवे पर धीमी आंच में सिंकती हुई करारी टिक्की को जब गाढ़े दही, इमली की मीठी चटनी, पुदीने की तीखी चटनी और भुने हुए खास मसालों के साथ प्लेट में सजाकर दिया जाता है, तो किसी के भी मुंह में पानी आ जाए।

स्वाद को खास बनाते हैं हाथ से पिसे मसाले

हालांकि, सोचने वाली बात यह है कि आखिर फिरोजाबाद के इस स्ट्रीट फूड में ऐसा क्या खास है जो इसे बाकी जगहों से अलग बनाता है? इसका असली राज छिपा है यहां के पारंपरिक मसालों और बनाने के पुराने तरीके में। यहां के ज्यादातर दुकानदार कई पीढ़ियों से एक ही रेसिपी का इस्तेमाल कर रहे हैं। बाजार के रेडीमेड मसालों की जगह, वे आज भी मसाले खुद कूटकर तैयार करते हैं। इसके अलावा, सब कुछ ग्राहकों के सामने गरमागरम और ताजा बनाने का जो अंदाज है, वह खाने का मजा दोगुना कर देता है।

इसलिए, जब भी आपका फिरोजाबाद जाना हो, तो सिर्फ चूड़ियों की खरीदारी तक ही खुद को सीमित न रखें। थोड़ा-सा समय निकालें और शहर की मशहूर गलियों में मिलने वाली इस शानदार कचौड़ी और टिक्की चाट का मजा जरूर लें।

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