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पश्चिमी सिंहभूम में डायन-बिसाही के चक्कर में झाड़-फूंक, इलाज के दौरान महिला की मौत, दो परिवारों में तनाव

Published: Sat, 18 Jul 2026 09:02 AM (IST)

चक्रधरपुर में डायन-बिसाही के चक्कर में इलाज न मिलने से एक महिला की मौत हो गई, जिससे दो परिवारों के बीच तनाव बढ़ गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. चक्रधरपुर में डायन-बिसाही के आरोप में महिला की मौत।

  2. इलाज के बजाय झाड़-फूंक कराने का आरोप ससुराल पर।

  3. मृतका के मायके और ससुराल पक्ष में गहराया विवाद।

जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत चंद्री पंचायत के पनसुवां गांव में एक महिला की मौत के बाद दो परिवारों के बीच विवाद गहरा गया है।

मृतका के मायके वाले महिला की अस्पताल में उपचार कराने के बजाय डायन-बिसाही के चक्कर में पड़कर झाड़-फूंक कराने और अंतिम समय में अस्पताल ले जाने का आरोप लगा रहे हैं, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।

मृतका की पहचान 24 वर्षीय करिश्मा राय के रूप में हुई है। घटना को लेकर मृतका के स्वजनों ने डायन-बिसाही के आरोप में झाड़-फूंक किए जाने का आरोप लगाया है, जबकि ससुराल पक्ष ने इन आरोपों से इनकार किया है।

जानकारी के अनुसार करिश्मा राय ने करीब तीन वर्ष पूर्व पनसुवां गांव निवासी देवानंद प्रधान से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद दोनों बेंगलुरु में मजदूरी कर जीवनयापन कर रहे थे। दंपति की एक तीन माह की बच्ची भी है।

मृतका के चाचा कमल राय ने बताया कि करिश्मा की तबीयत खराब होने पर उसे उपचार कराने के बजाय झाड़-फूंक कराया गया। बाद में उसकी हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। स्वजनों का आरोप है कि अंधविश्वास और झाड़-फूंक के कारण समय पर उचित चिकित्सा नहीं मिलने से करिश्मा की जान चली गई।

वहीं, मृतका के ससुर निर्मल प्रधान ने मामले को लेकर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परिवार ने करिश्मा के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार उसका उपचार कराया गया। उन्होंने लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। इधर घटना के बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव का माहौल है।

गांव में मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। मृतका के स्वजन निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है। मामले की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। गांव में शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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