पश्चिमी सिंहभूम से जल्द खत्म होंगे बचे हुए नक्सली, CRPF डीजी ने थपथपाई जवानों की पीठ
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने चाईबासा में सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान की समीक्षा की।
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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह। (जागरण)
HighLights
सीआरपीएफ डीजी ने चाईबासा में माओवादी विरोधी अभियान की समीक्षा की।
पश्चिमी सिंहभूम को पूरी तरह माओवाद मुक्त बनाना प्राथमिकता है।
सुरक्षा बलों को बचे माओवादियों को जल्द खत्म करने के निर्देश।
जागरण संवाददाता, चाईबासा। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह शुक्रवार दोपहर बाद चाईबासा पहुंचे।
यहां उन्होंने सारंडा एवं कोल्हान क्षेत्र में माओवादियों के खिलाफ चल रहे अभियान के अंतिम चरण की समीक्षा की। समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिले को हर हाल में पूरी तरह माओवाद मुक्त बनाना प्राथमिकता है।
शाम करीब 6:30 बजे आयोजित समीक्षा बैठक में सीआरपीएफ डीजी ने कहा कि सारंडा क्षेत्र में अब कुछ ही माओवादी बचे हैं।
झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा एवं झारखंड जगुआर संयुक्त रूप से सतर्कता के साथ अभियान जारी रखकर जल्द से जल्द बचे हुए माओवादियों को भी खत्म करें, ताकि देश को माओवाद मुक्त झारखंड और पश्चिमी सिंहभूम दिया जा सके।
बैठक में नक्सल विरोधी अभियान की वर्तमान स्थिति, अब तक की उपलब्धियों और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
तेज होगा अभियान
ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान की सराहना करते हुए कहा कि लगातार कार्रवाई के कारण नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है और आने वाले समय में अभियान को और तेज किया जाएगा।

उन्होंने जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों की मेहनत और सतर्कता के कारण माओवादियों का प्रभाव लगातार कमजोर हो रहा है। जरूरत है कि अभियान को अंतिम लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम करें।
बैठक में ये अधिकारी रहे शामिल
बैठक में आईजी नरेंद्र कुमार, स्पेशल डीजी ऑपरेशन वितुल कुमार, स्पेशल डीजी सेंट्रल जोन दीपक कुमार, डीआईजी कोल्हान अनुरंजन किस्पोट्टा, डीआईजी सीआरपीएफ विनोद कार्तिक, एसपी अमित रेणु समेत कोबरा, सीआरपीएफ एवं झारखंड पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में एक करोड़ के ईनामी शीर्ष माओवादी मिसिर बेसरा के दस्ते के सागेन अंगरिया समेत 25 महत्वपूर्ण माओवादियों ने सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
वहीं, मिसिर बेसरा के करीबी एक करोड़ के ईनामी असीम मंडल एवं अजय महतो के भी अलग-थलग पड़ने की चर्चा है। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल अभियान की बड़ी सफलता मान रही हैं।
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